राजनीतिक कारणों से परेशान करने का आरोप
याची को जिला बदर करने का आदेश दिया गया, जिसे उसने मंडलायुक्त के समक्ष अपील दाखिल कर चुनौती दी थी। साथ ही आदेश पर रोक लगाने की अर्जी दाखिल करते हुए अंतरिम राहत दिए जाने की मांग की थी। मंडलायुक्त ने उसकी अर्जी खारिज करते हुए अंतरिम राहत देने से इंकार कर दिया है।
पीठ के समक्ष याची का कहना था कि उसका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और कभी किसी मामले में सजा नहीं मिली है मात्र राजनीतिक कारण से उसको परेशान किया जा रहा है। यह भी कहा गया कि एक बार आदेश के खिलाफ अपील दाखिल कर दी गई तो याची को अंतरिम राहत मिलनी चाहिए। उसने 15 दिन या 10 दिन अंतरिम राहत की मांग की थी ताकि अपनी पत्नी के चुनाव में भाग ले सके और प्रचार कर सके।
पीठ ने कहा कि याची की अपील अभी कमिश्नर के समक्ष लंबित है इसलिए प्रकरण में हस्तक्षेप करने का कोई औचित्य नहीं है। कोर्ट ने यह भी कहा कि मात्र पत्नी के विधान सभा चुनाव लडऩे के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती है। कोर्ट ने याचिका खारिज कर दी है।