इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 33 साल पुराने आर्म्स एक्ट के एक मामले में करीब 31 साल बाद दोबारा गिरफ्तार किए गए आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ ढिल्लों उर्फ दयाल सिंह उर्फ राकेश शर्मा उर्फ छिद्दा की जमानत मंजूर कर ली है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 33 साल पुराने आर्म्स एक्ट के एक मामले में करीब 31 साल बाद दोबारा गिरफ्तार किए गए आरोपी सुखविंदर सिंह उर्फ ढिल्लों उर्फ दयाल सिंह उर्फ राकेश शर्मा उर्फ छिद्दा की जमानत मंजूर कर ली है। यह आदेश न्यायमूर्ति कृष्ण पहल की एकल पीठ ने दिया है।
विज्ञापन
मामला नोएडा (तत्कालीन जनपद गाजियाबाद) के थाना सेक्टर-20 का है। आरोपी के खिलाफ 1993 में आर्म्स एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। अभियोजन के अनुसार आरोपी के कब्जे से एके -56 राइफल और कारतूस बरामद हुए थे। उसे 1993 में जमानत मिल गई थी, लेकिन वर्ष 1995 से वह अदालत में पेश नहीं हुआ, जिसके बाद उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी हुआ।
याची के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी जानबूझकर फरार नहीं हुआ। थाने के पुनर्गठन और रिकॉर्ड के स्थानांतरण जैसी प्रशासनिक परिस्थितियों के कारण मुकदमे की स्थिति स्पष्ट नहीं रह सकी। आरोपी का कोई अन्य आपराधिक इतिहास नहीं है। राज्य सरकार की ओर से जमानत का विरोध किया गया, लेकिन कोर्ट ने कहा कि अभियोजन की ओर से दलीलों का प्रभावी खंडन नहीं किया गया। गौरतलब है कि आरोपी को इसी साल 18 फरवरी को उत्तर प्रदेश एटीएस और गौतमबुद्धनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने मोहाली से गिरफ्तार किया था और वह 19 फरवरी से जेल में है।