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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पूछा, कब तक पूरा होगा कोरोना वैक्सीन का ट्रायल

Tue, 29 Sep 2020 11:39 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

वकीलों ने दिए सुझाव
सुनवाई के दौरान अधिवक्ताओं की ओर से गाइड लाइन का पालन कराने और महामारी से बचाव को लेकर तमाम सुझाव दिए हैं। कोर्ट ने तमाम वकीलों के सुझावों को उद्धृत करते हुए राज्य सरकार को अमल में लाने पर विचार करने का निर्देश दिया है। 30 सितंबर को सुनवाई के दिन जानकारी मांगी है। 
1- सुझाव दिया है कि पुलिस व सरकारी कर्मचारियों के लिए  मास्क पहनना अनिवार्य हो। क्योंकि खुद मास्क पहनकर न आने वाले दूसरों को कैसे मास्क पहनने को कह सकते हैं। 
2- सभी विभागों के मुखिया सबको जागरूक करें और मास्क, सोशल डिस्टेंसिंग को कड़ाई से लागू करें।
3- हर नागरिक को अधिकार हो कि यदि कोई बिना मास्क दिखे तो टोल फ्री नंबर पर शिकायत कर सके।
4- पुलिस गश्त जारी रहे और मास्क व सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू कराएं।
5- यह भी सुझाव दिया है कि सड़क पटरियों पर लगे ठेलों, खोमचों या दुकानों पर खड़े होकर खाने की अनुमति न दी जाए। लोग खाद्य पदार्थों को पैक कराकर घर ले जाकर खाएं।
6- माडल वाइन शॉप के बाहर किसी को भी पीने की अनुमति न दी जाए। इस पर रोक लगे। 
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इलाहाबाद हाई कोर्ट - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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इलाहाबाद हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा है कि कोरोना वैक्सीन का ट्रायल कब तक पूरा होगा और यह वैक्सीन जनता को उपलब्ध हो सकेगी। कोर्ट ने केंद्र सरकार के अधिवक्ता को वैक्सीन की स्थिति, मास्क तथा सैनिटाइजर पर आईसीएमआर की गाइड लाइन से अवगत कराने का निर्देश दिया है। बाजार में घटिया मास्क और सैनिटाइजर की बिक्री की कोर्ट से शिकायत की गई है। साथ ही अदालत ने अब पार्किंग के मुद्दे को लेकर अलग से दाखिल जनहित याचिका को भी इस याचिका के साथ संबद्ध करने का निर्देश दिया है। 

पुलिस ही नहीं पहन रही मास्क

कोरोना महामारी से बचाव के सरकार के प्रयासों की मॉनिटरिंग कर रही न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा और न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ ने कहा कि देश में तीन माह तक सफलता पूर्वक लाक डाउन लागू कराने वाली पुलिस अब मास्क पहनकर सोशल डिस्टेन्सिंग का कड़ाई से पालन नहीं करा पा रही है। अक्सर देखा जा रहा है कि थाने के बाहर पुलिस के कई लोग स्वयं मास्क नहीं पहन रहे हैं। जब पुलिस वाले ही नहीं पहनेंगे तो जनता को कैसे बाध्य करेंगे। कोर्ट ने कहा कि जब से जिलों के एसएसपी व एसपी ने टास्क फोर्स गठित की है, सिविल पुलिस गाइड लाइन लागू कराने में रुचि नहीं ले रही। कहा कि जिन देशों में मास्क पहनकर सोशल डिस्टेन्सिंग को कड़ाई से लागू किया गया है, वहां कोरोना मरीजों की संख्या लगातार घट रही है।

पार्किंग मुद्दे पर सुनवाई करेगी कोर्ट

पार्किंग के मुद्दे पर प्रयाग व्यापार मंडल द्वारा अवगत कराया गया कि पार्किंग को लेकर हाईकोर्ट में पहले से जनहित की सुनवाई चल रही है, जिसमें अदालत ने कई निर्देश दिए हैं। इसलिए पार्किंग पर अलग से निर्देश न दिए जाएं। इस पर कोर्ट ने प्रयागराज सिविल लाइंस में पार्किंग के मुद्दे पर विचाराधीन दूसरी जनहित याचिका को भी मुख्य न्यायाधीश के नामांकन के बाद पेश किए जाने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने प्रयागराज विकास प्राधिकरण से पूछा से पूछा है कि किस प्रकार से नगर निगम को हस्तांतरित जमीन पर अवैध निर्माण हो गए हैं। दोनों संस्थाओं के अधिकार क्षेत्र के मुद्दे पर सुनवाई के लिए कोर्ट ने नगर निगम और पीडीए को तैयारी का और वक्त दिया है। याचिका की सुनवाई 30 सितंबर को होगी।
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