बाद में हाईकोर्ट बार की इस संबंध में एक बैठक हुई, जिसमें मंगलवार को भी बहिष्कार जारी रखने का प्रस्ताव पारित किया गया। अध्यक्ष ने कहा कि न्यायाधीश का अधिवक्ताओं के साथ अनुचित व्यवहार दुर्भाग्यपूर्ण है। अध्यक्ष ने मामले में मुख्य न्यायमूर्ति से आग्रह किया है कि वे इस संबंध में शीघ्र ही उचित निर्णय लें। महासचिव सत्यधीर सिंह जादौन ने कहा कि जब तक न्यायाधीश का क्षेत्राधिकार नहीं बदला जाता, तब तक अधिवक्ता उनकी कोर्ट का बहिष्कार जारी रखेंगे।
महासचिव ने राज्य सरकार के पैनल में शामिल अधिवक्ताओं से भी बहिष्कार में सहयोग करने की अपील की है। बैठक में वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र, नीरज कुमार त्रिपाठी, सुरेंद्र नाथ मिश्र, धर्मेंद्र सिंह यादव, सत्यम पांडेय, श्यामाचरण त्रिपाठी, आशुतोष त्रिपाठी, उष्मा मिश्रा, अरुण कुमार सिंह आदि मौजूद रहे।