ईद-उल-फितर की सामूहिक नमाज व दुआ पढ़ने के लिए उत्तर प्रदेश में मस्जिद खोलने के मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हस्तक्षेप करने से इनकार कर दिया है। मस्जिदों को एक घंटे के लिए खोलने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि पहले यूपी सरकार से मस्जिदें खोलने की अर्जी लगाई जाए।
कोर्ट ने कहा कि अगर सरकार अर्जी को खारिज कर दे या लटकाए, तो अदालन में सुनवाई होगी। बिना सरकार को अर्जी दिए सीधे हाईकोर्ट में याचिका दायर नहीं की जा सकती ।
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविंद माथुर और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ वर्मा की खंडपीठ ने शाहिद अली सिद्दीकी के मुख्य न्यायाधीश को लिखे पत्र पर कायम जनहित याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है।
कोर्ट ने कहा है कि समादेश जारी करने के लिए याची को अपनी मांग शासन के सामने रखनी चाहिए। कोई आदेश न होने या मांग के खिलाफ आदेश मिलने के बाद कोर्ट में याचिका दाखिल की जा सकती है।