नए विज्ञापन को लेकर बनी है असमंजस की स्थिति
अब तक शिक्षा सेवा चयन आयोग की स्थापना नहीं हुई और सदस्यों ने दो साल का अतिरिक्त कार्यकाल भी पूरा कर लिया, लेकिन नए सदस्यों की नियुक्ति प्रक्रिया पूरी न होने के कारण अभ्यर्थियों को आशंका है कि चयन बोर्ड को शिक्षा सेवा चयन आयोग में मर्ज किए जाने की तैयारी हो रही है।
अगर नए सदस्यों की नियुक्ति होती है तो इसके लिए पहले आवेदन लिए जाने का प्रावधान है। आवेदन की प्रक्रिया में ही एक माह का वक्त लग जाता है। चयन बोर्ड में वर्तमान में कोई सदस्य नहीं है, सो नए सदस्यों के आने तक भर्तियों के फंसे रहने की आशंका है। चयन बोर्ड को अशासकीय माध्यमिक विद्यालयों में सहायक अध्यापक (टीजीटी) और प्रवक्ता (प्रवक्ता) के पदों पर भर्ती के लिए 5350 पदों और प्रधानाचार्य के दो हजार पदों का अधियाचन मिल चुका है। इन पदों पर भर्ती के लिए नए विज्ञापन को लेकर अब असमंजस की स्थिति है।
चयनित शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया भी जारी
चयन बोर्ड में चयनित शिक्षकों के समायोजन की प्रक्रिया भी चल रही है। वहीं, विज्ञापन वर्ष 2011 और 2013 के तहत प्रधानाचार्य के पदों पर इंटरव्यू की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, जिसके अंतिम चयन परिणाम का इंतजार है। प्रतियोगी छात्र मोर्चा के अध्यक्ष विक्की खान का कहना है कि अगर चयन बोर्ड में कोई सदस्य नहीं है तो अभ्यर्थी नुकसान क्यों उठाएं। जिम्मेदारी चयन बोर्ड की है कि विज्ञापन शीघ्र जारी हो और भर्ती प्रक्रिया समय से पूरी की जाए। इस मसले पर सोमवार को पूर्व कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
जूनियर एडेड हाईस्कूलों में भी शिक्षक भर्ती फंसी
अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में भी शिक्षक भर्ती फंसी हुई है। परीक्षा नियामक प्राधिकारी कार्यालय की ओर से सहायक अध्यापक और प्रधानाध्यापक के 1500 से अधिक पदों पर भर्ती के लिए लिखित परीक्षा आयोजित की गई थी, जिसका परिणाम भी घोषित हो चुका है। अब परीक्षा के अंक और एकेडमिक रिकार्ड के आधार पर मेरिट बननी है और इसके बाद अंतिम चयन परिणाम घोषित किया जाएगा। इसका अभी तक कोई अतापता नहीं। अभ्यर्थी परिणाम का इंतजार कर रहे हैं।