क्षेत्र के महेवा पूरब पट्टी निवासी मो. जिशान और तनवीर के घर में पल रहे बकरे सुल्तान और बादशाह इन दिनों के लोगों के आकर्षण का केंद्र बने हैं। 165 किलो वजनी सुल्तान और 205 किलो वजनी बादशाह को देख सबकी नजरें उन्हीं पर टिकी रहीं। तनवीर ने बताया कि सात माह पहले वह सुल्तान को गुजरात से और बादशाह को पंजाब से लाए थे। उस समय बकरों की कीमत ढाई लाख रुपये थी। कुर्बानी को लेकर उन्हें पाला गया। प्रतिदिन उनकी खुराकी पांच से सात सौ रुपये की है। उन्हें खुराकी में दूध, मक्खन, चना, ड्राईफ्रूट दिया जाता है। उनकी अच्छी सेहत के लिए उन्हें केला और खजूर का सेक दिया जाता है।