शराब को भी खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में लाने की तैयारी है। जहरीली शराब से लगातार मौत की घटनाओं के बाद सरकार ने यह फैसला लिया है। इसके तहत अन्य पदार्थों की तरह शराब की दुकानों से भी जांच के लिए नमूने लिए जाएंगे। शराब की गुणवत्ता के मानक तय किए गए हैं। नियमावली भी बनाई गई है। जल्द ही इसे लागू करने की तैयारी है।
जहरीली शराब पीकर मौत की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। नशा बढ़ाने के लिए शराब में खतरनाक रसायन मिलाए जाने का कारोबार धड़ल्ले से चल रहा है। बाराबंकी में ऐसा ही मामला सामने आया था, लेकिन इस तरह की घटनाओं पर नियंत्रण की कोई प्रभावी व्यवस्था अभी तक नहीं है। आबकारी विभाग शराब के वैध और अवैध कारोबार पर तो निगरानी रखता है लेकिन शराब की गुणवत्ता और उसमें मिलावट पर जांच की कोई व्यवस्था नहीं है। जहरीली शराब से मौत की घटनाओं के बाद जांच की औपचारिकता जरूर पूरी की जाती है।
हालांकि, लगातार घटनाओं के बाद अब शराब को भी खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के अंतर्गत लाने की तैयारी शुरू कर दी गई है। सहायक आयुक्त खाद्य जेपी मौर्या ने बताया कि इसकी नियमावली बन चुकी है। इसके तहत अन्य खाद्य पदार्थों की तरह शराब के नमूने भी किसी दुकान से लिए जा सकेंगे। इसकी जांच विभाग के लैब में कराई जाएगी। रिपोर्ट के आधार पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस नियमावली के लागू होने केे बाद मिलावटी और जहरीली शराब की बिक्री पर नियमित निगरानी तथा प्रभावी नियंत्रण की बात कही जा रही है।
हर शराब के अलग-अलग मानक
श्रेणी के अनुसार शराब के अलग-अलग मानक तय किए गए हैं। उनमें अल्कोहल के अलावा अन्य पदार्थों की मात्रा भी निर्धारित की गई है। इससे अधिक या कम मात्रा होने पर दुकानदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रावधान होगा। अफसरों के अनुसार दुकानों से लिए गए नमूनों की जांच खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन के लैब में होगी लेकिन दुकानों पर छापेमारी तथा नमूने लेने का अधिकार खाद्य सुरक्षा विभाग के पास होगा या आबकारी के पास, इस पर निर्णय अभी होना है।
ताड़ी तथा अन्य नशीले पदार्थ भी आएंगे दायरे में
खाद्य सुरक्षा अधिनियम के दायरे में शराब के साथ ताड़ी तथा अन्य नशीले पदार्थ भी लाए जाएंगे। ताड़ी और भांग में भी मिलावट की शिकायतें आम है। इसलिए इनके नमूनों की भी नियमित जांच का प्रावधान होगा।