शादी के लिए अक्षय तृतीया को सबसे शुभ माना जाता है। ऐसे में इस तिथि पर शादियों की हमेशा होड़ रहा करती है। इस बार शुक्रवार को भी अक्षय तृतीया पर कोरोना संक्रमण के बावजूद होटल, गार्डेन में शादियों की खूब बुकिंग थी। लेकिन, संक्रमण के खौफ के अलावा अनुमति न मिलने से तमाम परिवारों की खुशियों पर पानी फिर गया। प्रयागराज लाइट एंड साउंड वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष सुजीत कुमार यादव के मुताबिक तीन सौ से अधिक शादियों की बुकिंग अक्षय तृतीया पर निरस्त हुई हैं।
इससे लाइट एंड साउंड के साथ ही घोड़ियों, बग्घियों के कारोबार को तगड़ा झटका लगा है। रेखा देवी प्रजापति की पुत्री की शादी शुक्रवार को महर्षि दयानंद संस्थान से होनी थी। उन्होंने पुत्री की शादी के लिए बीते मार्च में ही संस्थान में बुकिंग कराई थी। अप्रैल में जब कोरोना कर्फ्यू लगा तब भी उन्हें उम्मीद थी कि अक्षय तृतीया से पहले सब कुछ सामान्य हो जाएगा। लेकिन, अब सार्वजनिक स्थल पर भीड़ न लगाने और अनुमति न मिलने से पूरे परिवार के अरमान टूट गए। इनके अलावा सुलेम सराय की सुधा सिंह की भी पुत्री की शादी स्थगित करनी पड़ी। लाइट एंड साउंड एसोसिएशन के संरक्षक संजय अग्रवाल बताते हैं कि कोरोना कर्फ्यू की पाबंदियों के कारण अक्षय तृतीया को होने वाली कई शादियां नहीं हो सकीं।
कोरोना कर्फ्यू की वजह से अक्षय तृतीया पर शहर में कहीं भी शहनाई नहीं बज सकी। बाहर से कई परिवार ऐसे थे, तो सख्ती की वजह से दूल्हा, दुल्हन को भी लेकर नहीं आ सके। पाबंदियों के अलावा अनुमति न मिलने से शादियों की बुकिंग निरस्त हो गई। -सुजीत कुमार यादव, अध्यक्ष, प्रयागराज लाइट एंड साउंड वेलफेयर एसोसिएशन