शासकीय अधिवक्ता नियुक्त किए जाने के बाद संड ने महाधिवक्ता कार्यालय पहुंचकर कार्यभार ग्रहण कर लिया। 1977 में वकालत की शुरुआत करने वाले संड आपराधिक मामलों के ख्याति प्राप्त अधिवक्ता हैं। वर्ष 1997 से लगातार अपर शासकीय अधिवक्ता के रूप में प्रदेश सरकार के फौजदारी मामलों की पैरवी कर रहे हैं। 2017 में समाजसेवी परवेज परवाज की ओर से सीएम योगी के खिलाफ दाखिल मुकदमे में प्रभावी पैरवी करने का उनको फायदा मिलने की बात कही जा रही है।
माना जा रहा है कि राज्य सरकार ने संड के पुराने रिकॉर्ड को देखते हुए शासकीय अधिवक्ता की बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। संड को अब इलाहाबाद उच्च न्यायालय में फौजदारी मामलों के शीघ्र निवारण के साथ ही, शासकीय अधिवक्ता कार्यालय की प्रशासनिक जिम्मेदारियों का निर्वहन भी करना होगा।