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Prayagraj : खराब हुई हवा, सिविल लाइंस सबसे ज्यादा प्रदूषित, झूंसी और तेलियरगंज में भी बढ़ा रहा प्रदूषण

Mon, 08 Dec 2025 01:39 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

पिछले तकरीबन डेढ़ महीने से हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार कम-ज्यादा हो रहा है। रविवार को सिविल लाइंस इलाके की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लाइव सेंसर मशीनों पर यकीन करें तो दिल्ली की तर्ज पर प्रयागराज की हवा में भी मानकों से ढाई गुना ज्यादा प्रदूषक मौजूद रहे।
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वायु प्रदूषण का दिख रहा असर। - फोटो : संवाद।
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विस्तार
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पिछले तकरीबन डेढ़ महीने से हवा में प्रदूषण का स्तर लगातार कम-ज्यादा हो रहा है। रविवार को सिविल लाइंस इलाके की हवा सबसे ज्यादा प्रदूषित रही। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के लाइव सेंसर मशीनों पर यकीन करें तो दिल्ली की तर्ज पर प्रयागराज की हवा में भी मानकों से ढाई गुना ज्यादा प्रदूषक मौजूद रहे। इस दौरान वायु गुणवत्ता सूचकांक का स्तर 250 से ऊपर यानि खराब श्रेणी में बना रहा।

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रविवार को दोपहर बाद प्रयागराज में हवा में पीएम 10 का औसत स्तर 215 और पीएम 2.5 का औसत स्तर 300 माइक्रोग्राम प्रति घन मीटर के आसपास रहा। यानि प्रयागराज की हवा में मानकों से ढाई गुना ज्यादा प्रदूषक कण हैं। प्रयागराज में वायु प्रदूषण का स्तर पिछले दो दिनों से लगातार बढ़ रहा है।

सीपीसीबी के मुताबिक रविवार को सिविल लाइंस में नगर निगम कार्यालय में लगे लाइव सेंसर मशीन ने शाम चार बजे यहां का पीएम 10 का स्तर 500 बताया। इस स्तर की हवा को सबसे खराब श्रेणी में रखा जाता है। इसी प्रकार सिविल लाइंस के पीएम 2.5 का स्तर 312 दर्ज किया गया। झूंसी का पीएम 10 का स्तर 237 तो तेलियरगंज का पीएम 2.5 का स्तर 213 दर्ज किया गया।
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नगर निगम कार्यालय में निर्माण कार्य चलने से बढ़ा हुआ बता रहा वायु प्रदूषण

प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड प्रयागराज की ओर से झूंसी स्थित कार्यालय, सिविल लाइंस में नगर निगम कार्यालय एवं तेलियरगंज में एमएनएनआईटी में लाइव सेंसर मशीन लगवाई है, जो कि 24 घंटे वायु प्रदूषण के स्तर को मापती हैं।

इन मशीनों की देखरेख का जिम्मा स्वॉन इनवारमेंटल प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के पास है। कंपनी के सर्विस इंजीनियर शुभम सिंह ने बताया कि इन दिनों नगर निगम कार्यालय में बिल्डिंग निर्माण का कार्य चल रहा है। ऐसे में संभव है कि उसकी वजह से अचानक उस वक्त में वायु प्रदूषण बढ़ा हो जिसे लाइव सेंसर मशीन ने दर्ज कर लिया हो। तीनों लाइव मशीनों की देखरेख के लिए कंपनी की ओर से अलग-अलग कर्मचारी नियुक्त किए गए हैं। लाइव सेंसर मशीनों की रोजाना सफाई कराई जाती है। मशीन की रीडिंग सही दर्ज की जा रही है। 

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