सुप्रीम कोर्ट द्वारा आल इंडिया प्री मेडिकल टेस्ट (एआईपीएमटी) निरस्त करने और एक माह के भीतर नए सिरे से परीक्षा कराने संबंधी आदेश के बाद मेडिकल की तैयारी कर रहे छात्रों में उत्साह है। छात्र-छात्राओं ने अदालत के निर्णय को सही करार दिया है और परीक्षा को अधिक पारदर्शी बनाने की मांग की है। परीक्षार्थियों यश ठाकुर, अविरल सक्सेना, शशांक शेखर सिंह, वैभव मालवीय का कहना है कि जिस तरीके से परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक हो गए थे, उससे बड़े पैमाने पर धांधली की आशंका थी। मेधावी छात्र चयनित होने से वंचित रह जाते, जबकि नकल करके तमाम परीक्षार्थी चयनित हो जाते जो मेधावी परीक्षार्थियों के साथ सरासर अन्याय होता। अदालत ने नए सिरे से परीक्षा आयोजित करने का आदेश पारित कर परीक्षार्थियों को राहत दी है। दूसरी ओर मेडिकल परीक्षाओं के विशेषज्ञ डॉ. एके वर्मा ने सुप्रीम कोर्ट के निर्णय को अच्छा फैसला बताया है। कहा कि इस निर्णय से हजारों मेधावी परीक्षार्थियों को राहत मिलेगी, जो नकल के चलते मेरिट में आने से वंचित रह जाते।