पूर्व सांसद अतीक अहमद पर दर्ज मुकदमों की निगरानी के लिए हाईकोर्ट ने तीन वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की कमेटी गठित कर दी है। कमेटी अतीक के खिलाफ चल रहे मुकदमों में अभियोजन पक्ष की पैरवी को प्रभावी बनाने में मदद करेगी। इसके साथ ही कोर्ट ने पूर्व एसपी क्राइम इरफान अंसारी को शियाट्स मामले की जांच दोबारा सौंप दी है। कोर्ट ने कहा कि इरफान को चाहे जिस पद पर रखा जाए, मगर इस मामले की जांच वही करेंगे। अदालत उनके काम से संतुष्ट है।
मंगलवार को हाईकोर्ट ने निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता को एसपी क्राइम के स्थानांतरण से संबंधित निर्वाचन आयोग का पत्र प्रस्तुत करने का निर्देश दिया था। बुधवार सुबह दस बजे मुख्य न्यायमूर्ति डीबी भोसले और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ बैठी तो सबसे पहले अपर महाधिवक्ता इमरानउल्लाह से प्रदेश के दस योग्यतम पुलिस अधिकारियों की सूची मांग ली। कहा कि सूची लंच के बाद दो बजे उनके समक्ष प्रस्तुत कर दी जाए।
दो बजे पीठ दोबारा बैठी तो इमरानउल्लाह ने कोर्ट के समक्ष छह अधिकारियों की सूची रखी। पीठ ने कहा कि इसमें वह किन्ही तीन अधिकारियों की एक कमेटी बना रहे हैं, जो अतीक अहमद के खिलाफ दर्ज मुकदमों की निगरानी करेंगे। टीम यह सुनिश्चित करेगी कि मुकदमों का ट्रायल जल्दी पूरा करने में अदालत का सहयोग किया जाए। इससे पूर्व चुनाव आयोग के अधिवक्ता ने कोर्ट के समक्ष इरफान अंसारी के तबादले से संबंधित प्रपत्र प्रस्तुत किए। उनको देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि इस आदेश में अधिकारी का तबादला इलाहाबाद से बाहर करने की बात नहीं है। आयोग ने ऐसा आदेश इसलिए दिया होगा क्योंकि सरकार ने उसे नहीं बताया होगा कि वह कोर्ट के आदेश से जांच अधिकारी नियुक्त हैं। कोर्ट ने कहा कि जांच इरफान अंसारी ही करेंगे।
इमरानउल्लाह ने कहा ही वह शीघ्र ही इस आशय की अंडरटेकिंग कोर्ट में दे देंगे। उन्होंने बताया कि छह और मुकदमों में अतीक की जमानत निरस्त करने की अर्जी संबंधित अदालतों में दाखिल की गई है। कोर्ट ने उन गवाहों की सूची मांगी है, जो अतीक के खिलाफ दर्ज मुकदमों में गवाह हैं। पूछा है कि इसमें से कौन गवाह होस्टाइल (पक्षद्रोही) हो गया है। इसके अलावा उन मुकदमों में सह अभियुक्तों के नाम भी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है। अपर महाधिवक्ता ने इस काम के लिए कुछ और समय देने की मांग की है। मामले की अगली सुनवाई आठ मार्च को होगी।