माध्यमिक शिक्षा परिषद (यूपी बोर्ड) की फर्जी वेबसाइट तैयार कर मार्कशीट और डिग्रियां बेचने के मामले में पुलिस ने एक और आरोपी अनंत सत्यम निगम को गिरफ्तार किया है। सिविल लाइंस के तेज बहादुर सप्रू मार्ग निवासी आरोपी के कब्जे से पुलिस ने 88 फर्जी अंकपत्र, डिप्लोमा व प्रव्रजन प्रमाणपत्र, 14 पासबुक, 21 चेक बुक, पांच डेबिट कार्ड, चार मोबाइल फोन व पांच सिमकार्ड बरामद किए हैं।
जांच में पता चला कि अनंत सत्यम फर्जी डिग्री व मार्कशीट के लिए ग्राहक तलाशने का काम करता था। उसे प्रति ग्राहक के हिसाब से 20 हजार रुपये कमीशन मिलता था। साइबर पुलिस मामले में अब तक आजमगढ़ के एक बीफार्मा कॉलेज के संचालक शशि प्रकाश राय समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इस गिरोह का कनेक्शन कानपुर, जौनपुर, लखनऊ, मेरठ, वाराणसी समेत यूपी के कई शहरों के 60-70 एजुकेशन सेंटर से था।
सेंटर के लोग छात्रों व अभिभावकों को विज्ञापन के माध्यम से घर बैठे बीफार्मा, डीफार्मा समेत अन्य डिग्रियां प्राप्त करने का लालच देते थे। इसके बदले मोटी रकम वसूली जाती थी। बिना परीक्षा दिए ही बीफार्मा, डीफार्मा आदि की फर्जी डिग्रियां उपलब्ध करा दी जाती थीं। गिरोह का नेटवर्क सोशल मीडिया और एजेंट के जरिये संचालित होता था। साइबर क्राइम थाना प्रभारी ओम नारायण गौतम ने बताया कि अनंत सत्यम निगम फर्जी डिग्री व मार्कशीट के लिए ग्राहक तलाशने का काम करता था। पकड़े गए आरोपी से पूछताछ की जा रही है। गिरोह में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।