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एजी कर्मियों की बर्खास्तगी का आदेश रद्द

Wed, 05 Oct 2016 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
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इनकम टैक्स ऑफिस में देर रात तक तैनात रहे कर्मचारी - फोटो : AmarUjala
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इलाहाबाद। फरवरी-2016 में एजी ऑफिस के एकाउंट विभाग में हुए आंदोलन में शामिल तीन कर्मचारियों की बर्खास्तगी का आदेश केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट) ने रद्द कर दिया है। इससे पहले भी एक अन्य बर्खास्त कर्मचारी को कैट से राहत मिल चुकी है। लेकिन एजी प्रशासन ने उस कर्मचारी को अब तक ज्वाइन नहीं कराया है। कैट के फैसले से एजी कर्मियों में खुशी की लहर है।
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कैट ने एजी ऑफिस के बर्खास्त तीन कर्मचारियों की याचिका को स्वीकार करते हुए उनकी बर्खास्तगी और अपीलेट अथॉरिटी के आदेश को निरस्त कर दिया। न्यायाधिकरण की युगल पीठ में शामिल विभागाध्यक्ष दिनेश गुप्ता और ओपीएस मालिक ने अपने निर्णय में एजी को सहूलियत देते हुए कहा है कि अगर वह चाहें तो कर्मचारियों की जांच स्वतंत्र अधिकारी से करा सकते हैं। हालांकि कर्मचारियों के निलंबन का आदेश उनके बर्खास्त होने की तिथि सात मार्च 2012 से प्रभावी रहेगा और उनके वेतन एवं भत्तों का भुगतान नए सिरे से कराए जाने वाली जांच पर निर्भर करेगा।
बता दें कि 24 फरवरी 2012 को एजी ऑफिस के एकाउंट विभाग में आंदोलन के दौरान हुए बवाल में एजी प्रशासन ने सिविल एकाउंट्स ब्रदरहुड के पदाधिकारियों को 27 फरवरी को वार्ता के लिए बुलाया था लेकिन वार्ता से पहले ही एजी प्रशासन ने बवाल के अगले दिन यानी 25 फरवरी को 11 कर्मचारियों को निलंबित कर दिया था। बाद में उन्हीं में से चार कर्मचारियों आरपी मिश्र, एमपी सिंह, अनिल मिश्र एवं संजय कुमार को बिना अरोप पत्र एवं सुनवाई का अवसर दिए बगैर सात मार्च 2012 को बर्खास्त कर दिया।
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कर्मचारियों ने इसके खिलाफ महालेखाकार (एजी) से अपील की थी लेकिन उन्होंने भी अपील को खारिज कर दिया। इसके विरुद्ध चारों कर्मचारियों ने कैट में अलग-अलग वाद दायर किया, जिसमें चार वर्ष सात माह बाद तीन कर्मचारियों के पक्ष में फैसला आया। हालांकि इसी तरह का फैसला संजय कुमार के पक्ष में 18 अगस्त 2015 को ही आ चुका है लेकिन एजी प्रशासन ने उन्हें अब तक ज्वाइन नहीं कराया। मामले में संजय ने कैट में एजी प्रशासन के खिलाफ अवमानना याचिका दायर की है।
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