महाशिवरात्रि को पूजन-अर्चन के पश्चात कुंभनगरी से शैव अखाड़ों ने भी अपनी छावनी से धर्म ध्वजा उतार ली। धर्म ध्वजा उतरने के साथ कुंभ मेले का औपचारिक समापन भी हो गया।
अचला सप्तमी के बाद अखाड़ोें को कुंभ नगरी से विदाई आरंभ हो गई थी लेकिन, शैव अखाड़ों की छावनियों में धर्म ध्वजा लहरा रही थीं। महाशिवरात्रि के दिन ही इनको उतारने का विधान है। बुधवार सुबह सभी शैव अखाड़ों में विधि-विधान से पूजन-अर्चन हुआ। उसके बाद महादेव एवं धर्म के जयकारों के साथ धर्म ध्वजा उतारी गई। महानिर्वाणी अखाड़े के स्थानीय पदाधिकारियों की मौजूदगी में धर्म ध्वजा उतारी गई।
निरंजनी एवं जूना अखाड़े में भी 52 हाथ ऊंची धर्म ध्वजा विधि-विधान के साथ उतारी गई। इस दौरान अखाड़े के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। बता दें, बड़ा उदासीन अखाड़ा, नया उदासीन अखाड़ा, निर्मल अखाड़ा समेत तीनों अनी अखाड़ों की धर्म ध्वजा तीसरे अमृत स्नान के बाद ही उतार ली गई थी। शैव अखाड़ों की भी धर्म ध्वजा उतार जाने के बाद अब कुंभ का औपचारिक समापन हो गया।