तेल, काला चना, मूंग, दाल चना, अरहर, मलका, मसूर, की दाल 20 फीसदी जबकि उड़द, राजमाह की दाल के दाम दस फीसदी गिर गए हैं।
सब्जियों के बाद अब दालों के बढ़ते दाम ने भी आम लोगों के घर का बजट बढ़ा दिया है। शुरुआत चना दाल से हुई, इसके बाद अरहर ,मूंग, उड़द दाल के दाम बीते एक माह के दौरान बढ़ गए हैं। सरसों के तेल और रिफाइंड ने भी इन दिनों तेजी पकड़ी हुई है।
थोक मंडी कारोबारियों का कहना है कि बीते एक माह के दौरान दाल की आवक कम हुई है। चना महंगा होने से चना दाल पर असर आया है। एक माह पूर्व फुटकर में चना दाल 55 रुपये किलो में उपलब्ध थी इसका दाम अब बढ़कर 70 रुपये किलो तक पहुंच गया है। इसी तरह अरहर दाल जो लॉक डाउन के दौरान 80 रुपये किलो में थी वह अनलॉक आते-आते 90 एवं अब 100 रुपये किलो तक पहुंच गई है। थोक में भी अरहर दाल 87 रुपये किलो है। मूंग और उड़द की दाल में भी एक माह के दौरान 10 रुपये किलो की वृद्धि हुई है।
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इलाहाबाद गल्ला तिलहन व्यापार मंडल के अध्यक्ष सतीश चंद्र केसरवानी ने बताया कि बारिश की वजह से महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश से दालें कम आ रही हैं। महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश में दाम बढ़ने की वजह से ही प्रयागराज में दालों के दाम बढ़े हैं। फुटकर व्यापारी प्रमिल केसरवानी ने बताया कि मूंग दाल पिछले माह 110 रुपये किलो थी जो अब 120 रुपये किलो में उपलब्ध है। इसी तरह सरसों का तेल भी 140 रुपये किलो हो गया है। काबूली चना, राजमा आदि के भी दाम इन दिनों बढ़े हुए हैं। बारिश के सीजन के बाद दाम घटने की संभावना है।
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आटा, मैदा, सूजी का थोक में दाम हुआ कम, फुटकर में स्थिर
दाल, सरसों के तेल ने भले ही तेजी पकड़ी हो लेकिन थोक मार्केट में आटा, सूजी, मैदा आदि के दाम कम हुए हैं। पिछले माह थोक में खुला आटा जो 2200 रुपये क्विंटल मिल रहा था, उसका दाम दो हजार रुपये हो गया है। मैदा का दाम भी प्रति क्विंटल 2050 एवं सूजी का दाम 2100 रुपये क्विंटल हो गया है। हालांकि फुटकर बाजार में इसका असर कम दिखा है। फुटकर कारोबारी दीपक केसरवानी ने बताया कि दाम अभी पुराने रेट पर लिया गया माल ही उनके पास है। जब नया माल लिया जाएगा तब ही फुटकर में दाम कम होगा।