महाकुंभ में होटल, कॉटेज और टेंट के नाम पर फर्जी वेबसाइट से बुकिंग में गिरफ्तार मास्टरमाइंड समेत चारों ठगों को दबोचने को लेकर हैरान कर देने वाले तथ्य सामने आए हैं। मुकदमा दर्ज होने के बाद ठगों का सुराग लगाने के लिए साइबर पुलिस यूपी और बिहार के दर्जनों जिलों में 3500 किमी का सफर किया। इसके बाद इनकी प्रयागराज से गिरफ्तारी की गई।
महाकुंभ का आयोजन देश-दुनिया के सबसे बड़े आयोजनों में से एक है। ऐसे में महाकुंभ के नाम पर फर्जी वेबसाइट का संचालन साइबर पुलिस के लिए सिरदर्द बन गया था। पुलिस ने इनकी गिरफ्तारी के लिए साइबर प्रभारी राजीव तिवारी के नेतृत्व में सात पुलिसकर्मियों की टीम बनाई थी। ये टीम 18 नवंबर से ठगों की पहचान के लिए बिहार के नालंदा, नवादा, पटना, गया समेत यूपी के वाराणसी, आजमगढ़ समेत कई जिलों तक पहुंचीं। साइबर ठगों के बारे में सबूत जुटाया था।