महीने के अंत में ट्रैक्युलाइज करने की योजना बना रहा है वन विभाग
फतेहगंज पश्चिमी। रबर फैक्ट्री के जंगल में चहलकदमी कर रही बाघिन की लोकेशन तीन दिन बाद फिर कैमरे में कैद हुई है। रविवार को डिस्टलरी प्लांट से रबर प्लांट की ओर जाते हुए फुटेज मिले हैं। वन विभाग की टीम ने राहत की सांस ली है, क्योंकि लगातार वहीं लोकेशन मिलने पर बाघिन को ट्रैक्युलाइज करने की योजना है।
पिछले कई महीने से रबर फैक्टरी के जंगल मे बाघिन चहलकदमी करके वन विभाग की टीम को परेशान किए हुए है। बारिश का मौसम शुरू होने से पहले वन विभाग ने विशेषज्ञों की मदद से बाघिन को ट्रैंक्युलाइज करने का प्रयास किया था। मगर फैक्टरी के जंगल में उसके छिप जाने के कारण योजना सफल नहीं हो पाई। विशेषज्ञ का मानना था कि मानसून की बारिश होने के कारण बाघिन को आसानी से पानी पीने को मिल जाता है, मगर बारिश रुकने पर कुछेक जगह ही भरे पानी को वह पीने आएगी। तब उस पर निशाना साधना आसान होगा। मगर उसकी लोकेशन नहीं मिल पा रही थी। काफी समय के बाद तीन दिन पहले गुरुवार को बाघिन की लोकेशन मिली थी। रविवार को फिर लोकेशन मिली। इसके बाद वन विभाग अक्तूबर के अंत में विशेषज्ञों की टीम बुलाकर बाघिन पकड़ने की बात कह रहा है।
बता दें कि इससे पहले गुरुवार को 16 दिन बाद बाघिन कोयले और रबर प्लांट के बीच लगे कैमरे में कैद हुई थी। रविवार को रविवार को दो बार सुबह सवा सात बजे और फिर आठ बजे रबर प्लांट और डिस्टलरी प्लांट के बीच उसे घूमते हुए देखा गया।