Prayagraj News : नाला पाटने के खिलाफ पुलिस के ट्रैक्टर के सामने लेट गए सिंचाई विभाग के एसडीओ।
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कोरांव तहसील के खपटिहा गांव में बुधवार को बहरैचा नाले को पाटने के मामले में सिंचाई विभाग और स्थानीय लोगों की आपत्ति के बाद बृहस्पतिवार को जिला प्रशासन ने अपने कदम पीछे कर लिए हैं। मामला शासन तक पहुंचने के बाद अधिकारियों ने अपना बचाव करते हुए बृहस्पतिवार को फिर से नाले की खुदाई करा दिए। खुदाई का काम देर रात तक चलता रहा। मौके पर सीआरओ सहित सिंचाई विभाग के अधीक्षण अभियंता सहित कई अफसर मौजूद रहे।
सिंचाई विभाग के अफसरों ने दावा किया कि नाला सैकड़ों वर्ष पुराना और प्राकृतिक है। उसके स्वरूप में छेड़छाड़ नहीं किया जा सकता है। बुधवार को जिला प्रशासन के आदेश के बाद जब नाले को पाटा जाने लगा तो सहायक अभियंता अनिल कुमार यादव सहित दूसरे अधिकारियों ने आपत्ति जताई थी और ग्रामीणों ने भी इसका विरोध किया। ग्रामीणों का आरोप है कि वहां के कुछ प्लाटर इसे पाट कर पीछे करना चाहते थे, जिससे उनकी जमीन की कीमत बढ़ सके। नाला तकरीबन 100 मीटर तक पाट दिया गया था।
हालांकि, पुलिस ने ग्रामीणों को वहां से हटा दिया था। सिंचाई विभाग के अफसर इसके बाद मौके पर पहुंचे। सहायक अभियंता ने नाले को पाटे जाने के विरोध में ट्रेक्टर के सामने लेट गए तो मामले ने तूल पकड़ लिया। सिंचाई विभाग के अफसर सहित जिला प्रशासन के अफसरों के खलबली मच गई। मौके पर एसडीएम कोरांव को भेजकर काम बंद करा दिया। सिंचाई विभाग के अफसरों की ओर से इस बात की जानकारी कमिश्नर से लेकर शासन तक दी गई।
इसके बाद जिला प्रशासन के अफसरों ने अपने कदम पीछे कर लिए। बृहस्पतिवार को मौके पर मुख्य राजस्व अधिकारी हरिशंकर अपनी टीम के साथ पहुंचे। उन्होंने सिंचाई विभाग के अफसरों की मौजूदगी में बहरैचा नाले की फिर से खुदाई शुरू करा दी। देर रात तक खुदाई जारी रही। सिंचाई विभाग बाढ़ खंड के अधीक्षण अभियंता अभियंता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि नाले को फिर से पुराना स्वरूप दिया जा रहा है। इस मौके पर मजिस्ट्रेट कपिल देव शीचपाल, सहायक अभियंता अनिल कुमार यादव, अधिशासी अभियंता बृजेश कुमार, जूनियर इंजीनियर आर्यन कैनाल आदि मौजूद रहे।