हाईवे के गिरोह का हाथ तो नहीं?
पुलिस ने प्रारंभिक जांच पड़ताल व मौका मुआयना के बाद इसे सड़क हादसे के बाद चोरी का मामला माना है। उधर कंपनी के लोग लूट की भी आशंका जता रहे हैं। मैनेजर का कहना है कि जीपीएस लोकेशन ट्रैक करने पर पता चला कि जिस जगह पर कंटेनर ट्रक क्षतिग्रस्त हाल में मिला, वहां से इसे 20 किमी आगे भी ले जाया गया था। इसके बाद यूटर्न लेकर इसे फिर उल्टी दिशा में यानी कानपुर की ओर लाया गया। एक बार फिर यूटर्न लेकर कंटेनर ट्रक लगभग पांच किमी तक आगे ले जाया गया और फिर इसकी अंतिम लोकेशन 15 अक्तूबर की रात 9.30 बजे घटनास्थल पर ही मिली है। कंपनी के लोगों का यह भी आशंका है कि घटना में हाईवे के किसी गिरोह का भी हाथ हो सकता है।
चालक के शरीर पर सामान्य चोटें, शव ले गए परिजन
उधर पुलिस के मुताबिक, पोस्टमार्टम में चालक के शरीर पर जो चोटें मिली हैं, उससे हादसे की पुष्टि होती है। इंस्पेक्टर नवाबगंज कुशलपाल सिंह का कहना है कि मृतक के माथे और सीने पर भीतरी चोट आई है। उसका शव ड्राइविंग सीट पर ही पड़ा मिला था। ऐसे में आशंका है कि हादसे के दौरान स्टेयरिंग से उसे यह चोटें पहुंची। अन्य कोई भी चोट शरीर पर नहीं मिली है। परिजन शव लेकर सीतापुर के लिए रवाना हो गए हैं। उन्होंने कोई आरोप नहीं लगाया है।