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Prayagraj : भिड़ंत के बाद अब अखाड़ा परिषद के दोनों धड़ाें में समझाैता, लिखित में जताया पश्चाताप

Sat, 09 Nov 2024 01:07 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

महाकुंभ के लिए भूमि निरीक्षण से पहले बृहस्पतिवार को मेला प्राधिकरण के आई टि्रपल सभागार में अखाड़ा परिषद के दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। फिर देखते ही देखते सभागार में घमासान मच गया। मेलाधिकारी और मेला एसएसपी ने बीच बचाव कर साधु संतों को शांत कराया।
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अखाड़ा परिषद की बैठक में मौजूद संत। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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अखाड़ा परिषद के दोनों धड़ों में एक दिन पूर्व चले लात घूंसे के बाद शुक्रवार को समझाैता हो गया। मेलाधिकारी विजय किरन आनंद की मध्यस्थता में दोनों पक्षों ने घटना पर पश्चाताप किया। साथ ही अपनी-अपनी शिकायतें वापस ले ली।

महाकुंभ के लिए भूमि निरीक्षण से पहले बृहस्पतिवार को मेला प्राधिकरण के आई टि्रपल सभागार में अखाड़ा परिषद के दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए थे। फिर देखते ही देखते सभागार में घमासान मच गया। मेलाधिकारी और मेला एसएसपी ने बीच बचाव कर साधु संतों को शांत कराया। मारपीट की घटना से नाराज दूसरे धड़े के संतों ने मेला प्रशासन के साथ भूमि निरीक्षण में हिस्सा भी नहीं लिया।

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मेलाधिकारी की मध्यस्थता के बाद बृहस्पतिवार को दूसरे धड़े ने न सिर्फ भूमि का निरीक्षण किया बल्कि पुलिस कमिश्नर और मेलाधिकारी को दी शिकायत भी वापस ले ली। इसके अगुआ और श्री पंच निर्मोही अनि अखाड़े के अध्यक्ष राजेंद्र दास के अनुसार, अखाड़ों में भिड़ंत और संतों की लड़ाई से दुनिया में गलत संदेश जा रहा है। यही कारण है कि राष्ट्र, सनातन संस्कृति और महाकुंभ-2025 को दिव्य-भव्य बनाने के लिए शिकायत को वापस ले लिया है।

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अखाड़ा परिषद की बैठक में मौजूद संत। - फोटो : अमर उजाला।
इस संबंध में दोनों ओर से मेलाधिकारी को लिखित में भी दिया गया है। दूसरी ओर अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी और जूना अखाड़े के अध्यक्ष प्रेम गिरी ने भी अपनी शिकायत वापस ले ली। विदित हो कि राजेंद्र दास की ओर से अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष रविंद्र पुरी, महामंत्री हरि गिरी और जूना अखाड़े के अध्यक्ष प्रेम गिरी समेत अन्य के खिलाफ मारपीट करने का आरोप लगाते हुए शिकायत दी गई थी। इसके बाद अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष और जूना अखाड़े के अध्यक्ष की ओर से भी काउंटर शिकायत की गई थी।
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