सरायअकिल के कादिरपुर नेवादा गांव में शनिवार शाम बच्चों को घर के बाहर भेजकर महिला ने फंदे पर लटककर जान दे दी। सूचना पर आई पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज मामले की जांच शुरू कर दी है।
नेवादा गांव निवासी रोशनलाल ने बताया कि शनिवार दोपहर वह तिल्हापुर गांव में रिश्तेदारी में मिट्टी में गए थे। जबकि उनकी पत्नी सुमन खेत में काम करने गई थी। घर पर बहू सुनीता देवी (36) अपने तीनों बच्चों अजीत, हर्जित व हेमंत के साथ थी। दोपहर बाद करीब तीन बजे सुनीता के तीनों बच्चे बाहर खेलने लगे। इसी बीच बहू सुनीता ने कमरे में फंदा लगा लिया।
कुछ देर बाद जब बच्चे कमरे में पहुंचे तो मां को फंदे पर लटका हुआ देख चिल्लाने लगे। इस पर पड़ोसियों की भीड़ जुट गई। पड़ोसियों से फोन पर घटना की जानकारी मिलने पर वह भी तिल्हापुर से गांव पहुंच गए। पुलिस ने फंदा काटकर सुनीता के शव को नीचे उता। रोशनलाल ने बताया कि उनका बेटा प्रदीप कुमार और बहू सुनीता बच्चों के साथ दिल्ली में रहकर प्राइवेट नौकरी करते थे।
दीपावली के आसपास पता नहीं किस कारणवश बेटे ने दिल्ली में फंदा लगाकर खुदकुशी कर ली थी। बेटे की मौत के बाद बहू बच्चों के साथ गांव आ गई और तबसे वह मानसिक तनाव में रहती थी। इंस्पेक्टर वीर प्रताप सिंह ने बताया कि परिवार या फिर मृतका के मायके वालों की ओर से कोई तहरीर नहीं मिली है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।