संगम की रेती में किसानों ने शुरू की खरबूजे, ककरी की खेती, टिप्स देते वैज्ञानिक।
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महाकुंभ के बाद गंगापार, यमुनापार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में रोजगार अपार, नए क्षेत्र में संभावनाओं के द्वार खुल रहे हैं। यहां के किसान तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की फसल से अपनी तकदीर बदलने की तैयारी में हैं। संगम तटों पर स्थानीय किसानों ने हाल ही में खेती शुरू कर दी है। बलुई मिट्टी और गंगा-यमुना के शुद्ध जल से इस क्षेत्र में फसलों की बंपर पैदावार होने की उम्मीद है। खास बात यह है कि इस खेती से हजारों स्थानीय युवाओं को रोजगार के नए अवसर भी मिलेंगे।
सीएम योगी के निर्देश पर इस बार रिकॉर्ड पानी छोड़ा गया है। जिसकी वजह से सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी। गंगापार, यमुनापार, झूंसी, फाफामऊ और जसरा क्षेत्र में किसानों ने तरबूज, ककड़ी, खीरे और खरबूजे की बुवाई शुरू कर दी है। प्रयागराज के वैज्ञानिक (उद्यान) डॉक्टर हिमांशु सिंह के अनुसार यहां की बलुई मिट्टी इस तरह की फसलों के लिए सबसे उपयुक्त होती है। सीएम के निर्देश पर इस बार गंगा, यमुना में रिकॉर्ड मात्रा में पानी छोड़ा गया है। जिससे किसानों को सिंचाई की कोई समस्या नहीं होने पाएगी।