इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) में कुलपति के चयन के लिए सर्च कमेटी में जिन दो सदस्यों के नाम मनोनीत किए गए थे, उनमें कोई बदलाव हो गया या नहीं, इस पर लॉक डाउन के बाद जोर आजमाइश शुरू होगी। फिलहाल लॉकडाउन के कारण कुलपति की पूरी चयन प्रक्रिया ही अटक गई है।
इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. आरएल हांगलू के इस्तीफे के बाद इविवि के नए कुलपति की चयन प्रक्रिया शुरू की गई थी। इसके लिए इविवि की कार्य परिषद की बैठक में सर्च कमेटी के दो सदस्यों को मनोनीत किया गया था। इनमें से एक सदस्य इविवि के पूर्व कुलपति प्रो. सीएल खेत्रपाल है, जिनके नाम पर ऑटा अध्यक्ष ने आपत्ति जताई थी और केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय को पत्र भेजकर प्रो. खेत्रपाल के मनोनयन को गलत ठहराते हुए उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति को सर्च कमेटी का सदस्य मनोनीत किए जाने की मांग की थी। उनकी आपत्ति की बाद मंत्रालय की ओर से इविवि प्रशासन को पत्र भेजकर प्रो. खेत्रपाल की जगह किसी दूसरे व्यक्ति को सर्च कमेटी का सदस्य मनोनीत करने को कहा गया था।
पत्र में यह भी कहा गया था कि जल्द ही कार्य परिषद की बैठक बुलाकर सर्च कमेटी के नए सदस्य का नाम तय कर लिया जाए और मंत्रालय को इससे अवगत कराया जाए। हालांकि इविवि प्रशासन इसके लिए तैयार नहीं था। इविवि प्रशासन का दावा था कि सर्च कमेटी के सदस्यों के नाम नियमों के तहत चयनित किए गए हैं और इनमें बदलाव की कोई आवश्यकता नहीं है। इस मुद्दे को लेकर विवाद बढ़ने लगा लेकिन इसी बीच लॉक डाउन के कारण विश्वविद्यालय में छुट्टी घोषित कर दी गई। मंत्रालय से पत्र आने के बाद इविवि में कार्य परिषद की बैठक भी प्रस्तावित थी, जिसे लॉक डाउन के कारण स्थगित कर दिया गया था। लॉक डाउन के बाद अब जब भी विश्वविद्यालय खुलेगा, यह मुद्दा फिर गरमाएगा और इविवि प्रशासन पर कार्य परिषद की बैठक बुलाकर सर्च कमेटी के नए सदस्य का नाम तय किए जाने का दबाव होगा।