युवती की हत्या के बाद जुटी भीड़।
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28 मई को जब आशीष की शादी बाराबंकी में हो गई तो राज केसर की मां गुलाबकली और भाइयों को अनहोनी की आशंका हुई। उन्होंने फिर आशीष से पूछताछ की। लेकिन वह गुमराह करता रहा। पुलिस के मुताबिक वह खुद 30 मई को राज केसर की मां और भाई को साथ लेकर करछना थाने आया और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने जांच शुरू की तो मोबाइल के सीडीआर से कुछ क्लू मिला। पुलिस ने सख्ती की तो आशीष ने राज की हत्या कर सेप्टिक टैंक में डालने की बात कबूल ली। उसकी निशानदेही पर पुलिस आशीष के बसरिया के नए प्लाॅट पर पहुंची और यहां बने सेप्टिक टैंक से राज केसर के शव को बरामद किया।
पुलिस के मुताबिक आशीष ने सेप्टिक टैंक में शव के ऊपर मिट्टी और बालू डालने के साथ प्लास्टर भी करवा दिया था। राज के भाई कृष्णा का आरोप है कि आशीष ने बहन के पैसे से ही मकान बनवाया और बहन ने जब शादी का दबाव डाला तो हत्या कर दी।