5.56 करोड़ रुपये हड़पकर महाराष्ट्र में फरारी काट रहे आरोपी को एसटीएफ ने पकड़ लिया है। उसे ठाणे से गिरफ्तार किया गया। आरोपी कंस्ट्रक्शन कंपनी का कर्मचारी था और आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिये रकम का गबन किया। एसटीएफ अफसरों के मुताबिक, आरोपी की पहचान सुधीर केसरवानी निवासी मुट्ठीगंज है। उसे रविवार को एसटीएफ प्रयागराज के निरीक्षक जय प्रकाश राय के नेतृत्व में उत्सव होटल के द्वितीय तल, पुलिस स्टेशन के पास शांति नगर, भिवंडी जनपद ठाणे (महाराष्ट्र) से पकड़ा गया।
पूछताछ में उसने बताया कि वह साथी नीरज जायसवाल के साथ संगम कंस्ट्रक्शन कंपनी में अभिकर्ता था। उसने फर्जी दस्तावेज तैयार कर 06.40 करोड़ रुपये का गबन किया था। इनमें से 75 लाख रुपये उसने फर्म मालिक को वापस कर दिए थे।
शेष रकम वापस न करने पर वादी शैलेंद्र सिंह निवासी अल्लापुर ने 2023 में उसके व नीरज के खिलाफ जार्जटाउन थाने में मुकदमा दर्ज कराया। विवेचना एसटीएफ को सौंपी गई थी। गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद से वह ठाणे, महाराष्ट्र में छिपकर रह रहा था। आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी व हत्या के प्रयास समेत अन्य आरोपों में पांच मुकदमे पहले से दर्ज हैं। ट्रांजिट रिमांड बनवाकर उसे प्रयागराज लाया जा रहा है।
हत्या में वांछित 50-50 हजार के इनामी सगे भाई नागपुर से गिरफ्तार
एसटीएफ प्रयागराज इकाई ने हत्या में वांछित 50-50 हजार के इनामी दो सगे भाइयों को गिरफ्तार किया है। इनमें जुनैद अहमद व परवेज अहमद शामिल हैं जो नागपुर सिटी (महाराष्ट्र) में छिपे हुए थे। वह थाना मानधाना जनपद प्रतापगढ़ के रहने वाले हैं। एसटीएफ के मुताबिक, निरीक्षक जय प्रकाश राय एसटीएफ फील्ड इकाई प्रयागराज के नेतृत्व में टीम ने महाराष्ट्र पहुंचकर दोनों को ने गिरफ्तार किया।
आरोपी जुनैद ने पूछताछ में आरोप लगाया कि 2005 में पानी निकासी के विवाद में पट्टीदार शमीम अहमद, बसारत अली आदि ने उसके पिता की हत्या की थी। इस पर उसने अपने भाइयों, सहयोगियों के साथ मिलकर बदला लेने के लिए पिछले साल 26 दिसंबर को गोली मारकर शमीम की हत्या कर दी थी। मुकदमे में उसके दो भाई दिलशाद व फुल्लू जेल भेजे जा चुके हैं। वह भाई परवेज संग नागपुर में छिपकर रह रहा था। एसटीएफ ने बताया कि आरोपियों को प्रतापगढ़ पुलिस को सौंप दिया गया है।