महिला खिलाड़ियों का प्रेरणादायक सफर
बरेली की सुहानी राजपूत ने 2018 में बड़ी बहन की प्रेरणा से वेटलिफ्टिंग शुरू की। स्टेडियम हॉल क्षतिग्रस्त होने पर भी उन्होंने अभ्यास जारी रखा। नैनी की निधि मिश्रा ने 2018 में मीराबाई चानू से प्रेरित होकर वेटलिफ्टिंग अपनाई। कोच के तबादले के बाद दो साल बिना कोच के अभ्यास किया। वाराणसी की आयशा पटेल ने हैमर थ्रो में दस वर्षों तक संघर्ष किया, उनके पिता ने खेल के लिए जमीन बेची थी।
पुरुष खिलाड़ियों की उपलब्धियां
मेजा रोड के सौरभ यादव ने चोटों से उबरकर वेटलिफ्टिंग ट्रायल में पहला स्थान पाया। दादा और पिता को पुलिस विभाग में देखकर उनका बचपन का सपना था। उन्होंने स्नैच में 125 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 155 किलोग्राम वजन उठाया। सोरांव के नीरज कुमार ने 2017 में पोल वॉल्ट प्रशिक्षण शुरू किया। पिता के निधन के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और सरकारी नौकरी हासिल की।
मदन मोहन मालवीय स्टेडियम के लिए यह बेहद गर्व का क्षण है कि हमारे नौ खिलाड़ियों का चयन उत्तर प्रदेश पुलिस में हुआ है। यह उनकी वर्षों की मेहनत, अनुशासन और नियमित प्रशिक्षण का परिणाम है। -शिव कुमार यादव, क्रीड़ा अधिकारी