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UP: निजी अंग काटने के बाद किशोर बोला- मुझे लड़कियों में इंट्रेस्ट ही नहीं, आवाज और चलने का तरीका भी उनके जैसा

Sat, 13 Sep 2025 03:44 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, प्रयागराज

सार

दर्द की दवा खाने पर भी कुछ आराम नहीं मिला तो किशोर ने मदद के लिए मकान मालिक को आवाज लगाई। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उसे बेली अस्पताल लाया गया, जहां से एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया।
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सांकेतिक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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यूपी के प्रयागराज से हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां 17 वर्षीय छात्र ने लड़का से लड़की बनने की चाहत में अपना निजी अंग काट दिया। अस्पताल पहुंचे पीड़ित छात्र ने चिकित्सकों की पूछताछ में बताया कि मुझे लड़कियों में कोई इंट्रेस्ट ही नहीं है। मुझे लगता है कि मेरी आवाज भी लड़कियों जैसी ही है। चलने का स्टाइल भी उनके जैसा है, इसलिए मैं जेंडर चेंज करना चाहता था, इस कारण यह सब किया। मुझे पता नहीं था कि इसमें मेरी जान जा सकती थी, मुझे कुछ समझ नहीं आ रहा था।

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प्रयागराज में यूपीएससी की कर रहा तैयारी
परिजनों से मिली जानकारी के अनुसार, अमेठी निवासी छात्र इन दिनों प्रयागराज सिविल लाइंस एरिया में किराये का कमरा लेकर यूपीएससी की तैयारी कर रहा था। उसके पिता एक किसान हैं और वह माता-पिता की इकलौती संतान है। सीबीएसई बोर्ड से इंटर की परीक्षा उत्तीर्ण करने के बाद परिजनों ने बड़ी उम्मीदों के साथ उसे ग्रेजुएशन के साथ यूपीएससी की तैयारी करने के लिए प्रयागराज भेजा था, लेकिन उसके मन में कुछ और ही चल रहा था। 

'लड़की बनने के लिए पहले निजी अंग काटना होगा'
अक्सर वह गूगल और यू-ट्यूब पर लड़का से लड़की बनने की जानकारी लेता था। इसी दौरान वह प्रयागराज में कटरा के एक निजी चिकित्सक से मिला और इस संबंध में जानकारी ली। उसने बताया कि मैं लड़की की तरह फील करता हूं पर शरीर से लड़का हूं। उसने चिकित्सक से लड़की बनने की इच्छा जाहिर की। इस पर डॉक्टर ने कहा कि तुम्हें इसके लिए सबसे पहले अपना निजी अंग काटना होगा। उन्होंने पूरा तरीका भी समझाया कि घर पर ही ये सब कैसे कर सकते हैं। 

छह घंटे बाद एनेस्थीसिया का असर खत्म होने पर दर्द में तड़पने लगा किशोर
उनके कहने पर छात्र ने एनेस्थीसिया  का इंजेक्शन, सर्जिकल ब्लेड, रुई और बाकी सामान खरीदा। फिर कमरे में अकेले ही खुद को एनेस्थीसिया  का इंजेक्शन लगाया। इससे कमर के नीचे का हिस्सा सुन्न हो गया। फिर अपने ही हाथों से निजी अंग काट दिया और मरहम पट्टी कर ली। करीब छह घंटे बाद एनेस्थीसिया  का असर कम होने पर वह दर्द से तड़प उठा।

दर्द की दवा खाने पर भी कुछ आराम नहीं मिला तो मदद के लिए मकान मालिक को आवाज लगाई। इसके बाद एंबुलेंस की मदद से उसे बेली अस्पताल लाया गया, जहां से एसआरएन अस्पताल के लिए रेफर कर दिया गया। यहां सर्जरी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. संतोष सिंह ने प्राथमिक उपचार के बाद केस को प्लास्टिक सर्जरी विभाग के हवाले कर दिया।

मां बोली- बेटे को बनाना चाहती थी आईएएस
बेटे को लेकर बड़े सपने हैं। इस कारण उसे यूपीएससी की तैयारी के लिए प्रयागराज भेजा था। पता नहीं था कि उसके भीतर क्या चल रहा है। उसने इस संबंध में कभी कुछ बताया ही नहीं। मुझे समझ में नहीं आ रहा कि अब क्या करूं। अब ईश्वर से प्रार्थना है कि किसी तरह से मेरा बेटा पूरी तरह से ठीक हो जाए।
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पीड़ित को अब हुआ गलती का एहसास
लड़की बनने की चाहत में छात्र ने अपना निजी अंग खुद से काट लिया। अब उसे अपनी गलती का एहसास हुआ है। पीड़ित और परिजनों की सहमति के बाद उसे प्लास्टिक सर्जरी विभाग में रेफर किया गया है। - डॉ. संतोष सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, एसआरएन अस्पताल।

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