ऐसे में महाकुंभ के दौरान पुल की भूमिका को देखते हुए एक बार फिर एयर फोर्स के साथ प्रशासन की टीम ने संयुक्त सर्वे किया। जिसमें लखनऊ की विशेषज्ञ टीम का सहारा लिया गया। टीम ने एनिमेशन सर्वे के आधार पर पाया कि एक दर्जन मकान बाधा बन रहे हैं। जिसमें रनवे के आस-पास बने लगभग छह मकानों को पूर्ण रूप से और अन्य छह इमारतों के ऊपरी हिस्से को आंशिक रूप से ध्वस्त किया जाना है।
इसके अलावा रनवे को 350 मीटर बढ़ाने की पर सहमति बनी, जिसके लिए भूमि सेतु निगम को ही उपलब्ध कराना है। वहीं बाउंड्रीवाल सहित कुल 97 करोड़ का प्रस्ताव तैयार किया गया। जिसे अब शासन को भेज दिया गया है। हालांकि एयर फोर्स द्वारा एनओसी पहले ही दी जा चुकी है। ऐसे में माना जा रहा है कि महाकुंभ 2025 से पहले पुल को शुरू कर दिया जाएगा।
उम्मीद है कि बेगम बाजार का ओवर ब्रिज का शेष कार्य जल्द ही शुरू हो जाएगा। शासन को प्रस्ताव भेज दिया गया है, जिसके बाद मंजूरी मिलते ही बिना विलंब किए कार्य आरंभ हो जाएगा। - मनोज अग्रवाल, मुख्य परियोजना प्रबंधक, सेतु निगम।