लूट व छिनैती के अभियुक्तों के पुलिस सत्यापन में एक विचित्र मामला सामने आया है। एसआईआर फॉर्म के जरिये पता चला कि नैनी जेल में निरुद्ध खुल्दाबाद के अटाला निवासी अभियुक्त आफताब हसन सिद्दीकी असल में अब्दुल्ला अंसारी है। उसने आधार कार्ड में अपना नाम बदलकर फर्जीवाड़ा किया था। मामले का खुलासा होने पर मुट्ठीगंज थाना प्रभारी ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है।
मुट्ठीगंज थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने एफआईआर में बताया कि अधिकारियों के आदेश पर लूट-छिनैती के अभियुक्तों का सत्यापन किया गया। मुट्ठीगंज थाने में लूट-छिनैती की धारा में दर्ज दो एफआईआर में अटाला निवासी अभियुक्त आफताब हसन सिद्दीकी का नाम सामने आया। उसके विरुद्ध दोनों मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया जा चुका है। सत्यापन के लिए अभियुक्त का आधार कार्ड नंबर लेकर पुलिसकर्मी उसके पते पर पहुंचे जहां पता चला कि आफताब हसन का असली नाम अब्दुल्ला अंसारी है। छोटे भाई अब्दुल मुत्तलिब ने सगे बड़े भाई अब्दुल्ला अंसारी का एसआईआर फॉर्म संख्या 1121 उपलब्ध कराया।
इसमें निर्वाचक का नाम अब्दुल्ला अंसारी और इलेक्ट्रॉनिक इलेक्टोरल फोटो पहचान पत्र (ईपीआईसी) व पता अटाला दर्ज था। मामले में स्थानीय पार्षद से संपर्क किया गया तो उन्होंने बताया कि आधार कार्ड पर फोटो व पता अब्दुल्ला अंसारी का ही है लेकिन नाम आफताब हसन दर्ज है।
मुट्ठीगंज पुलिस ने जून में किया था गिरफ्तार
पुलिस के मुताबिक, अभियुक्त अब्दुल्ला अंसारी ने जान बूझकर आफताब हसन सिद्दीकी के नाम से कूटरचित आधार कार्ड तैयार कराया। वहीं, थाना प्रभारी अरुण कुमार सिंह ने बताया कि मार्च व जून 2025 में दो महिलाओं से चेन छिनैती के मामलों में आरोपी पर विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई थी। इसमें आरोपी अब्दुल्ला अंसारी ने आफताब हसन सिद्दीकी के नाम के दस्तावेज दिए थे। जून 2025 में आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। इसके बाद से वह जिला कारागार नैनी में निरुद्ध है।