इविवि एवं संघटक कॉलेजों में स्नातक के पाठ्यक्रमों की फीस एक समान है, जबकि कॉलेजों में पीजी के पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालित किए जा रहे हैं। पीजी के पाठ्यक्रमों की फीस पहले से ही काफी अधिक है, सो नए सत्र में पीजी की फीस बढ़ने की उम्मीद कम है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की कार्य परिषद ने फीस वृद्धि पर मुहर तो लगा, लेकिन संघटक महाविद्यालयों को अब तक इसका नोटिफिकेशन नहीं मिला। कॉलेज नोटिफिकेशन जारी होने के बाद ही बढ़ी फीस पर दाखिला ले सकते हैं। इविवि में नए सत्र 2022-23 से स्नातक एवं परास्नातक के पाठ्यक्रमों की फीस में चार गुना तक वृद्धि की है।
विज्ञापन
इविवि एवं संघटक कॉलेजों में स्नातक के पाठ्यक्रमों की फीस एक समान है, जबकि कॉलेजों में पीजी के पाठ्यक्रम सेल्फ फाइनेंस मोड में संचालित किए जा रहे हैं। पीजी के पाठ्यक्रमों की फीस पहले से ही काफी अधिक है, सो नए सत्र में पीजी की फीस बढ़ने की उम्मीद कम है।
वहीं, कॉलेजों में स्नातक के पाठ्यक्रमों की फीस इविवि के समान है। कॉलेज अपने स्तर से पीजी की फीस तो बढ़ा सकते हैं, लेकिन स्नातक की फीस बढ़ाने के लिए उन्हें इविवि से अनुमति लेनी होगी। सूत्रों का कहना है कि कॉलेजों को अब तक फीस वृद्धि का नोटिफिकेशन नहीं मिला है। वहीं, एनटीए की ओर से सीयूईटी का परिणाम जारी किए जाने के बाद अब इविवि के साथ कॉलेजों में भी स्नातक प्रवेश की तैयारी शुरू कर दी है।
विज्ञापन
हालंाकि, कॉलेज बढ़ी हुई फीस पर स्नातक में प्रवेश तभी ले सकेंगे, जब उन्हें फीस वृद्धि का नोटिफिकेशन मिल जाएगा। कॉलेजों को अब तक पीजी में दाखिले के लिए भी प्रवेश परीक्षा का परिणाम नहीं मिला है। ऐसे में कॉलेज पीजी प्रवेश के लिए कटऑफ जारी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में कॉलेजों में पीजी प्रवेश शुरू होने में भी दे हो सकती है।