सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा के तहत सहायक अभियंता (एई) भर्ती के अभ्यर्थियों ने तैयारी के लिए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग को ईमेल और स्पीड पोस्ट भेजकर परीक्षा तिथि दो माह के लिए बढ़ाने की मांग की है। आयोग के कैलेंडर में 20 अप्रैल को प्रारंभिक परीक्षा प्रस्तावित है, और इसके दो दिन बाद यानी 22 अप्रैल को आरआरबी जेई सीबीटी-दो का भी एग्जाम है। इसमें लिए अभ्यर्थियों को दूर-दराज के राज्यों में केंद्र आवंटित किए गए हैं।
ट्रेनों में रिजर्वेशन नहीं मिलने से अभ्यर्थियों को किसी एक परीक्षा से वंचित होना पड़ेगा। वहीं, आयोग ने सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा के सिलेबस में भी व्यापक बदलाव कर दिए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि सिलेबस के अनुरूप तैयारी के पर्याप्त समय नहीं मिला है। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा टालने की मांग की है। इससे पूर्व सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा के तहत सहायक अभियंता (एई) के 283 पदों पर भर्ती के लिए वर्ष 2021 में विज्ञापन जारी किया गया था। अब चार साल बाद नई भर्ती होने जा रही है।
इस बार 604 पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया गया है, जिनमें सामान्य चयन के 582 और विशेष चयन के 22 पद शामिल हैं। ऐसे में अभ्यर्थियों के लिए चयन के अवसर बढ़े हैं लेकिन दूसरी बाधाएं अभ्यर्थियों के सामने मुसीबत बनकर खड़ी हो गई हैं। आयोग पहली बार यह भर्ती प्रारंभिक एवं लिखित परीक्षा और इंटरव्यू के माध्यम से कराने जा रहा है। पहले केवल लिखित परीक्षा व इंटरव्यू के माध्यम से भर्ती होती थी। प्रारंभिक परीक्षा के लिए जो सिलेबस निर्धारित किया गया है, उस पर भी अभ्यर्थियों को आपत्ति है।
अभ्यर्थियों का कहना है कि इंजीनियरिंग एप्टीट्यूड से जुड़े 22 विषय सिलेबस में शामिल किए गए हैं, जिनका इंजीनियरिंग के पाठ्यक्रम से कोई वास्ता नहीं है। परीक्षा की तैयारी के लिए सिलेबस कहीं नहीं मिल रहा है। अभ्यर्थी अजीत सोनकर का कहना है कि विशेषज्ञों से मदद मांगी गई, लेकिन उन्होंने भी यही कहा कि कम से कम छह माह की तैयारी के बाद सिलेबस पूरा हो सकता है, जबकि 20 अप्रैल को परीक्षा प्रस्तावित है।
अजीत सहित बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों ने आयोग को ईमेल व स्पीड पोस्ट भेजकर परीक्षा तिथि कम से कम दो माह के लिए आगे बढ़ाने की मांग की है। दूसरी समस्या यह है कि 22 अप्रैल को आरआरबी जेई सीबीटी-दो की परीक्षा है और सम्मिलित राज्य अभियंत्रण सेवा परीक्षा की तरह इस परीक्षा के लिए भी बड़ी संख्या में बीटेक अभ्यर्थियों ने आवेदन किए हैं।
इस परीक्षा का उसी जोन में सेंटर होता है, जहां से अभ्यर्थी ने फॉर्म भरा था। उत्तर प्रदेश में जोनल सीटें सीमित होने के कारण हजारों अभ्यर्थियों ने अन्य राज्यों से आवेदन किए हैं। ऐसे में उन्हें सैकड़ों किमी दूर दूसरे राज्यों में परीक्षा देने के लिए जाना होगा, ऐसे में दोनों परीक्षा में शामिल हो पाना अभ्यर्थियों के लिए व्यावहारिक रूप से काफी कठिन होगा। अभ्यर्थियों ने तय किया है कि अगर आयोग जल्द ही उनकी समस्या का निराकरण नहीं करता है तो वे आयोग के सामने बेमियादी धरने पर बैठ जाएंगे।