लोक निर्माण विभाग श्रमिक यूनियन के महामंत्री ने लगाया आरोप, उच्चस्तरीय जांच कराने को उठी आवाज
प्रयागराज। एई दफ्तर में हुई मारपीट की घटना के लिए उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग श्रमिक यूनियन ने एक्सईएन की नीतियों को जिम्मेदार ठहराया है। रविवार को हुई बैठक में यूनियन के महामंत्री राम सागर ने यह आरोप लगाया। उनका कहना था कि कुंभ के कार्यों के अटके भुगतान को लेकर जेई-ठेकेदारों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। जेई के साथ हुई मारपीट की घटना की उच्चस्तरीय जांच कराने की आवाज उठाई गई।
यूनियन कार्यालय में हुई बैठक में महामंत्री राम सागर ने अवर अभियंता व ठेकेदार के बीच मारपीट की घटना को दुर्भाग्यजनक करार दिया। उन्होंने कहा कि इसके लिए निर्माण खंड-4 के अधिशासी अभियंता की नीतियां ही जिम्मेदार हैं। रामसागर ने बताया कि जिस समय एई दफ्तर में जेई के साथ मारपीट हो रही थी, उस वक्त एक्सईएन हस्तक्षेप करने की बजाए अपना कार्यालय छोड़कर दूसरे खंडीय दफ्तर में चले गए थे। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं की समीक्षा कर अंकुश नहीं लगाया गया तो आने वाले समय में स्थिति और चिंताजनक हो सकती है। इस दौरान रिक्त पदों पर भर्ती शुरू करने, पदोन्नति करने समेत वर्दी वितरण व अन्य समस्याओं की ओर अफसरों का ध्याना आकृष्ट कराया गया। इस मौके पर अवधेश यादव, नागेश्वर गिरि, मुस्तकीम अहमद, शोभनाथ द्विवेदी, रमेश कुमार, भोला निषाद, गोकुल गौतम समेत तमाम कर्मचारी उपस्थित थे। अध्यक्षता असीम कुमार मुखर्जी ने की।