तहसील में आयोजित समाधान दिवस पर शनिवार को अधिवक्ताओं ने अपनी लंबित मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अधिवक्ता पुलिस-प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तहसील के बाहर प्रयागराज-गोरखपुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर जुट गए। इसके चलते हाईवे पर जाम लग गया।
यह देख सहायक पुलिस आयुक्त फूलपुर विवेक यादव और एसीपी थरवई अरुण पाराशर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। बाद में समाधान कक्ष में प्रशासन और अधिवक्ताओं के बीच वार्ता हुई, जिसमें एसडीएम फूलपुर जूही प्रसाद, ट्रेनी आईपीएस ईश्वर लाल गुर्जर, एसीपी विवेक यादव समेत कई अफसर और अधिवक्ता मौजूद रहे।
अधिवक्ताओं ने फूलपुर, बहरिया और थरवई समेत अन्य थानों में साथियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार को लेकर नाराजगी जाहिर की और चेतावनी दी कि अगर हालात में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
प्रदर्शन के दौरान थरवई थाने में अधिवक्ता आलोक भारतीय की एफआईआर दर्ज न होने, मऊआइमा में अधिवक्ता उमेश यादव के साथ मारपीट के बावजूद रिपोर्ट न लिखे जाने और फूलपुर में अधिवक्ता अरविंद पर दोबारा हमले के बाद भी कार्रवाई न होने जैसे मामलों को प्रमुखता से उठाया गया।
अधिकारियों ने इन आरोपों पर कहा कि संबंधित मामलों में कार्रवाई के निर्देश दिए जा चुके हैं और एक मामले में एफआईआर दर्ज हो चुकी है। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि सभी प्रकरणों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अधिवक्ताओं ने समाधान दिवस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मौके पर शमीम अहमद सिद्दीकी, शिवपूजन तिवारी, अदनान अहमद, मोहम्मद शारिब, धर्मेंद्र यादव, राजेंद्र यादव, उमाकांत अवस्थी, अरविंद यादव, सौरभ, विपिन त्रिपाठी आदि रहे।