एसोसिएशन के महासचिव बीके पांडेय ने बताया कि रजिस्ट्रार की जानकारी के मुताबिक परिषद के न्यायिक सदस्य अमरनाथ उपाध्याय को बार पदाधिकारियों से वार्ता के लिए चेयरमैन ने नामित किया है। शुक्रवार को उनसे इस बारे में वार्ता होगी।
बैठक में उपाध्यक्ष एपी सिंह, सत्येंद्र सिंह, शैलेंद्र सिंह, कल्लन उर्फ विजय शंकर तिवारी, अनुरुद्ध चतुर्वेदी, मनीष, सुरेंद्र, रेखा सिंह, गजला श्रीवास्तव, उमंग श्रीवास्तव, पंकज कुमार श्रीवास्तव, मोहन धारिया, मनोज कुमार मिश्र, उमेश चंद्र तिवारी, संतोष तिवारी, गिरीश तिवारी, नवीन कुमार पांडेय, हरिश्चंद्र सिंह आदि मौजूद रहे। वहीं, मॉडल बार एसोसिएशन के श्याम लाल यादव, बृजेश कुमार श्रीवास्तव, तेज प्रकाश, गोपाल कृष्ण श्रीवास्तव आदि ने भी निर्णय पर विरोध जताया है।
इन मंडलों के स्टांप वादों को किया गया लखनऊ से संबद्ध
जिन आठ मंडल के स्टांप वादों की सुनवाई लखनऊ स्थानांतरित की गई है, उसमें मेरठ, सहारनपुर, मुरादाबाद, बरेली, आगरा, अलीगढ़ तथा कानपुर शामिल हैं। राजस्व परिषद बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव विजय चंद्र श्रीवास्तव, सुनीता शर्मा ने कहा कि इस मामले में याचिका दाखिल की जाएगी।
राजस्व परिषद में यह व्यवस्था की गई है कि वादों का निस्तारण कहीं भी किया जा सकता है। प्रयागराज में स्टांप वादों की संख्या अधिक है। इसे देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। अगर अधिवक्ताओं का विरोध है तो उस पर विचार किया जाएगा। -संजीव मित्तल, अध्यक्ष, राजस्व परिषद