बुजुर्ग शनिवार को लोकसेवा आयोग के पास स्थित होटल में संदिग्ध हाल में मृत मिले थे। रात होने के चलते पोस्टमार्टम नहीं हो सका था। रविवार दोपहर बाद दो डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई। सूत्रों का कहना है कि इस दौरान खुलासा हुआ कि करंट लगने से उनकी मौत हुई। शरीर पर कोई चोट का निशान नहीं मिला।
गौरतलब है कि मृतक के बेटे सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता चेतन शांडिल्य ने घटना के बाद आशंका जताई थी कि उनके पिता की करंट लगाकर हत्या की गई। उन्होंने कहा था कि संपत्ति के लालच में हत्या की गई। उन्होंने किसी का नाम नहीं लिया था लेकिन कहा था कि वह जल्द ही इस संबंध में विस्तृत खुलासा करेंगे। देर शाम तक उनकी ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई थी। इस मामले में थाना प्रभारी सिविल लाइंस रामाश्रय यादव ने बताया कि फिलहाल उन्हें पोस्टमार्टम रिपाेर्ट नहीं मिली है। न ही परिजनों की ओर से कोई तहरीर दी गई है।
यह है पूरा मामला
बुजुर्ग गोपाल शांडिल्य टीबी सप्रू रोड के रहने वाले थे। घर के बगल में ही उनकी एक बेशकीमती जमीन थी, जिसे उन्होंने कुछ साल पहले बेच दिया था। इसी जमीन पर होटल बना और होटल बनने के बाद से ही वह तीसरे तल पर अकेले ही रहते थे। जबकि पड़ोस में स्थित घर पर उनके बेटे परिवार समेत रहते हैं। शनिवार शाम बुजुर्ग होटल के कमरे में संदिग्ध हाल में मृत मिले थे। होटल कर्मचारियों व पुलिस का कहना है कि दरवाजा भीतर से बंद था और वीडियोग्राफी के दौरान दरवाजा तोड़कर शव को बाहर निकाला गया। उधर बेटे का आरोप है कि दरवाजे पर बाहर से ताला लटकाया गया था।