फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट में पूर्व सांसद के अधिवक्ता बोले : धनंजय को राजनीतिक द्वेष में फंसाया गया, चुनाव लड़ने से रोकना मकसद

Thu, 25 Apr 2024 11:30 AM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज

सार

जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह की जमानत अर्जी पर बुधवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। कई घंटे तक न्यायाधीश ने दोनों पक्षों की दलील को सुना। मामले की सुनवाई आज भी जारी रहेगी। पूर्व सांसद के अधिवक्ताओं ने कहा कि राजनैतिक साजिश के तहत धनंजय को फंसाया गया है। 

विज्ञापन
पूर्व सांसद धनंजय सिंह। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

इलाहाबाद हाईकोर्ट में जौनपुर के पूर्व सांसद धनंजय सिंह को नमामि गंगे प्रोजेक्ट मैनेजर के अपहरण में मिली सजा के खिलाफ अपील पर सुप्रीम कोर्ट के वकील सुधीर वालिया ने दलील पेश की। कहा कि पूर्व सांसद को राजनीतिक द्वेष में फंसाया गया है। उन्हें चुनाव लड़ने से रोकना मकसद है। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।

मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की अदालत कर रही है। बुधवार को करीब तीन घंटे तक सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट के अधिवक्ता सुधीर वालिया, वरिष्ठ अधिवक्ता सगीर अहमद, कार्तिकेय सरन और एसपी सिंह ने धनंजय सिंह का पक्ष रखा।

विज्ञापन


राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता पीसी श्रीवास्तव एवं अपर शासकीय अधिवक्ता जेके उपाध्याय ने अभियोजन का पक्ष रखा। इससे पहले इस मामले में ट्रायल कोर्ट का रिकाॅर्ड पेश किया गया। राज्य सरकार की ओर से जवाबी हलफनामा दाखिल किया जा चुका है। पूर्व सांसद ने वकील ने कहा की जिन गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं वह स्वतंत्र गवाह नहीं है। सरकारी कर्मचारी हैं। इसके बावजूद अभियोजन पक्ष ट्रायल कोर्ट में अपना केस साबित नहीं कर सका।

विज्ञापन

आज भी जारी रहेगी बहस

उन्होंने यह भी कहा कि धनंजय सिंह का जो आपराधिक इतिहास बताया गया है, उनमें अधिकतर मुकदमे राजनीतिक द्वेष में दर्ज कराए गए हैं, क्योंकि वह विधायक और सांसद रह चुके हैं। दो दर्जन मामलों में वह बरी हो गए, चार में फाइनल रिपोर्ट लग गई और कुछ सरकार ने वापस ले लिए हैं।

उन्होंने कहा कि इस मामले के ट्रायल के दौरान वह जमानत पर थे और उन्होंने उसका दुरुपयोग नहीं किया। वह आगामी लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते हैं, इसलिए उनकी सजा स्थगित कर उन्हें जमानत पर रिहा किया जाए। मामले की सुनवाई बृहस्पतिवार को भी जारी रहेगी।

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें