बारा। उधर दोपहर में मृतक अधिवक्ता इदरीस की लाश गांव पहुंची तो वहां कोहराम मच गया। परिजन शव से लिपटकर रोने लगे। उनकी चीत्कार सुनकर मौके पर जुटे ग्रामीण भी अपने आंसू नही रोक सके।
पत्नी आयशा तो बदहवास सी हो गई थी। वही पुत्र रेहान भी गुमसुम था। इदरीश मूलरूप से लालापुर थाना क्षेत्र के सेमरी गांव के रहने वाले थे। हालांक बचपन से ही वह बारा के सेहुंडा गांव निवासी अपनी बुआ के घर रहने लगे थे। परिजनों के मुताबिक, करीब एक साल पहले उन्होंने जिला न्यायालय में वकालत करने लगे और परिवार समेत करेली के गौस नगर मुहल्ले में किराए पर कमरा लेकर रहने लगे। पिता सुबराती दुबई में नौकरी करते हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इदरीस बहुत ही मिलनसार थे।
वकीलों ने जताया दु:ख, तहसील में की तालाबंदी
बारा। वकील की हत्या से नाराज बारा के आक्रोशित वकीलों ने तहसील में तालाबंदी कर विरोध जताया। साथ ही घटना की कड़ी निंदा की। हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किए जाने व मृतक परिवार को सरकार से मुआवजे की मांग की।
मृतक वकील के घर डटी रही पुलिस
बारा । उधर मृतक वकील की लाश सेहुंडा गांव पहुंचने से पहले ही वहां भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था। मौके पर जुटी आक्रोशित भीड़ ने रोड जाम करने की कोशिश की तो अफसरों ने समझकर उन्हें शांत कराया। परिजनों ने बताया कि अंतिम संस्कार शुक्रवार को कराया जाएगा। एसडीएम बारा इंद्रभान तिवारी ने बताया कि मृतक के परिजनों को पांच लाख रुपये कृषि बीमा, पारिवारिक योजना का लाभ व भूमि का पट्टा शासन द्वारा दिलाया जाएगा। मौके पर एडीएम प्रशासन विजय शंकर दुबे, एसपी यमुनापार दीपेंद्र नाथ चौधरी, एसडीएम बारा इंद्रभान तिवारी सहित भारी संख्या में पुलिस मौजूद रही।
बारा के सेहुंडा गांव में मृतक वकील मो इदरीश के घर रोते विलखते परिजन व ग्रामीणों को समझाती पुलिस प?- फोटो : NAINI
बारा के सेहुंडा गांव में मृतक वकील मो इदरीश के घर रोते विलखते परिजन व ग्रामीणों को समझाती पुलिस प?- फोटो : NAINI