चित्र अनावरण पर कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पीके शुक्ला को सम्मानित करते हाईकोर्ट बार के महासचिव अशोक सिंह।
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो, इलाहाबाद
सर्वोच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति जस्टिस आरके अग्रवाल ने वकीलों को नसीहत दी है कि अधिवक्ता अपने पूर्वजों के आचरण से सीख लें। उनके बताए रास्ते पर चलकर ही बेहतर भविष्य का निर्माण हो सकता है। इससे बार और बेंच के बीच रिश्ते मधुर होंगे। जस्टिस अग्रवाल हाईकोर्ट बार एसोसिएशन की ओर से आयोजित आत्ममंथन व्याख्यान माला और दिवंगत अधिवक्ताओं, जजों के चित्र अनावरण के मौके पर आयोजित समारोह को मुख्य अतिथि के तौर पर संबोधित कर रहे थे।
समारोह में नौ पूर्व न्यायाधीशों और अधिवक्ताओं के चित्रों का अनावरण किया गया है। इनमें सुप्रीमकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायमूर्ति स्व. आरएम सहाय, पूर्व न्यायमूर्ति सुप्रीमकोर्ट स्व. एनडी ओझा, वरिष्ठ अधिवक्ता स्व. श्रीकांत मिश्र, स्व. जेएन तिवारी, स्व. वीकेएस चौधरी, स्व. मुरलीधर, स्व. शीतला प्रसाद सिंह, स्व. आरएन सिंह और स्व. एसपीएस राघव के चित्र बार में लगाए जाएंगे।
समारोह के विशिष्ट अतिथि सुप्रीमकोर्ट के न्यायमूर्ति अशोक भूषण ने कहा कि उनको जो कुछ भी मिला है इसी हाईकोर्ट की बदौलत मिला। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश वीके शुक्ल ने चित्रों का अनावरण किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बार के अध्यक्ष राधाकांत ओझा ने और संचालन महासचिव अशोक सिंह ने किया। इस मौके पर कोलकाता हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति राकेश तिवारी, न्यायमूर्तिगण अरुण टंडन, वीके नारायण, कृष्णमुरारी, रणविजय सिंह, बी अमित स्थालेकर, विक्रमनाथ, शशिकांत, अभिनव उपाध्याय, पूर्व न्यायमूर्ति वीएम सहाय, महाधिवक्ता विजय बहादुर सिंह सहित तमाम अधिवक्ता और कार्यकारिणी के सभी सदस्य मौजूद थे।