पुलिस खंगाल रही मृतक के मोबाइल की सीडीआर
मुंबई, धूमनगंज स्थित संपत्ति के बिंदु पर भी हो रही जांच
प्रयागराज। करेली में अधिवक्ता मो. इदरीस की हत्या के मामले में पुलिस दूसरे दिन भी हत्यारों तक नहीं पहुंच सकी। न ही वह वारदात कि वजह पता कर पाई। हालांकि, दूसरे दिन पुलिस मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने में जुटी रही। पुलिस का मानना है कि हो सकता है कि उनकी हत्या का राज मोबाइल में छिपा हो। उधर, मुंबई स्थित संपत्ति को भी ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
करेली के गौसनगर में बृहस्पतिवार भोर में अधिवक्ता मो. इदरीस (30) की घर के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले में फुफेरे भाई की तहरीर पर अज्ञात में हत्या का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की। लेकिन किसी विवाद के बाबत कोई जानकारी उसे नहीं मिल सकी। पत्नी आयशा व साला सरफराज भी कुछ नहीं बता सके जबकि, घटना के वक्त वह घर में ही थे। पुलिस रात भर जांच पड़ताल में जुटी रही लेकिन, यह नहीं पता चल सका कि हत्या किसने और क्यों की। पड़ोसियों व साले का बयान अलग-अलग होने से पुलिस की पेशानी पर बल पड़ गए। लेकिन अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव बारा चले जाने की वजह से उससे दोबारा पूछताछ नहीं हो सकी। तमाम कोशिशों के बाद भी वारदात की वजह सामने न आने के बाद पुलिस ने मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालनी शुरू कर दी है। दरअसल, जांच में जुटी टीमों का मानना है कि हो सकता है कि हत्या का राज मोबाइल में ही छिपा हो। यही वजह रही कि मृतक के मोबाइल की सीडीआर खंगाली जा रही है। साथ ही उसकी पत्नी व साले के गुम हुए मोबाइल की भी सीडीआर निकलवाई जा रही है।
मुंबई में पिता ने दी थी खोली, धूमनगंज मेें खरीदी थी जमीन
पुलिस सूत्रों की मानें तो अधिवक्ता की हत्या में जांच का एक बिंदु संपत्ति भी है। दरअसल, यह बात सामने आई है कि इदरीस पांच साल का था, जब उसकी मां की मौत हो गई थी। जिसके बाद पिता सुबराती ने दूसरी शादी कर ली थी। उधर, इदरीस बारा के सेंडुआ स्थित अपनी बुआ के घर रहने लगा था जिन्होंने उसका पालन-पोषण किया। सुबराती को दूसरी पत्नी से भी एक बेटा व एक बेटी हैं। खास बात यह कि कुछ साल पहले सुबराती ने मुंबई में ही दो कमरे खरीदे थे। जिनमें से एक उसने दूसरी पत्नी से हुए बेटे जबकि दूसरा इदरीस के नाम कर दिया था। सूत्रों का कहना है कि मुंबई स्थित यह संपत्ति काफी कीमती है। एक अन्य जानकारी यह भी मिली है कि साल भर पहले इदरीस ने धूमनगंज के कसारी-मसारी मेें एक जमीन खरीदी थी। ऐसे में इस बात की जांच की जा रही है कि कहीं अधिवक्ता की हत्या संपत्ति से जुड़े किसी विवाद को लेकर तो नहीं हुई।
प्रयागराज में अधिवक्ता हत्याकांडः अधिवक्ता मो. इदरीस (फाइल फोटो)- फोटो : CITY DESK