शिवकुटी में शनिवार को अधिवक्ता मिथलेश राज गौतम (30) ने वीडियो कॉल पर बड़े भाई से बात करते हुए फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना देने पर बगल में रहने वाले किरायेदार और फिर माैके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो वह फंदे पर लटके मिले।
शिवकुटी में शनिवार को अधिवक्ता मिथलेश राज गौतम (30) ने वीडियो कॉल पर बड़े भाई से बात करते हुए फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। सूचना देने पर बगल में रहने वाले किरायेदार और फिर माैके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो वह फंदे पर लटके मिले।
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अधिवक्ता मूल रूप से जौनपुर जनपद के अमई गांव, थाना मीरगंज के रहने वाले थे। वह हाईकोर्ट में वकालत करते थे और वर्तमान में शिवकुटी में बहन के मकान में रह रहे थे। बहन का परिवार कहीं बाहर रहता था और इस मकान में अधिवक्ता के अलावा दो किरायेदार भी थे।
वह दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई डॉ. शरद सुल्तानपुर में आयुर्वेदिक डॉक्टर हैं। पुलिस के मुताबिक, बड़े भाई ने बताया कि शनिवार शाम करीब 4:00 बजे अधिवक्ता ने उन्हें वीडियो कॉल किया। बताया कि वह आत्महत्या करने जा रहे हैं। कॉल के दौरान ही उन्होंने फांसी लगाने की बात कही और फिर फोन डिस्कनेक्ट कर दिया।
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घबराए डॉ. शरद ने शिवकुटी स्थित मकान में रहने वाले किरायेदारों को फोन कर जानकारी दी। किरायेदारों ने अधिवक्ता के कमरे का दरवाजा खटखटाया और खोलने का प्रयास किया, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो अधिवक्ता का शव फंदे पर लटका मिला।
कैंट थाना प्रभारी रुकुमपाल सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच पड़ताल में आत्महत्या का कारण मानसिक तनाव बताया जा रहा है। परिजनों ने बताया कि मिथलेश की शादी को लेकर बातचीत चल रही थी, जिसे लेकर वह काफी समय से मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। कमरे से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उधर, मृतक के बड़े भाई और अन्य परिजन रात में प्रयागराज पहुंच गए।