इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भ्रष्टाचार के निलंबित महोबा के निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी है। पाटीदार ने नई गिरफ्तारी से बचने के लिए हाइकोर्ट की शरण ली थी। यह आदेश न्यायमूर्ति सुनीत कुमार मणिलाल पाटीदार के अधिवक्ता और राज्य सरकार की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल व अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम आशुतोष कुमार संड को सुनकर दिया है।
निलंबित एसपी मणिलाल पाटीदार के खिलाफ पीपी पांडेय इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के डायरेक्टर नितीश कुमार ने महोबा कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई है कि एसपी मणिलाल पाटीदार व तत्कालीन थानाध्यक्ष खरेला राजू सिंह और चरखारी के तत्कालीन इंस्पेक्टर राकेश कुमार सरोज मिलकर उसकी गाड़ियां नहीं चलने दे रहे हैं। उसकी कंपनी ट्रकों से गिट्टी सप्लाई का काम करती है।
इस काम के लिए उससे दो लाख रुपये प्रतिमाह एसपी को देने की मांग की जा रही है। ऐसा न करने पर उसके दर्जनों ट्रक सीज कर दिए गए। जबकि ट्रकों के सभी कागजात सही थे और वे ओवरलोड भी नहीं थे। राज्य सरकार से की ओर से अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल और अपर शासकीय अधिवक्ता प्रथम एके संड ने अर्जी का विरोध किया।
उन्होंने कहा कि मणिलाल पाटीदार पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया जा चुका है और उसके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी है। इसके अलावा उसे भगोड़ा भी घोषित किया गया है। ऐसे में वह अग्रिम जमानत का हकदार नहीं है। सुनवाई के बाद कोर्ट ने मणिलाल पाटीदार की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज कर दी।