शृंग्वेरपुर में शवों के दफनाने का सिलसिला तो थम गया मगर प्रशासन को गंगा तट पर पूर्व में दफन की गयी लेकिन और अब उघड़ती लाशों को ढकने में पसीना बहाना पड़ रहा है। रविवार को सूचना मिली की शृंग्वेरपुर में गंगा तट पर पांच शव दिखायी दे रहे हैं।
सूचना पर हल्का लेखपाल अनिल पटेल और ग्राम पंचायत अधिकारी सत्येंद्र सिंह से लेकर प्रशासन के अन्य अधिकारियों तक के हाथ-पांव फूल गए। लेकिन, जल्द ही मामला संभालते हुए एसडीएम सोरांव अनिल चतुर्वेदी ने लेखपाल को सफाईकर्मियों एवं जेसीबी के सहयोग से खुले शवों को तत्काल ढकने के निर्देश दिए। चौकी इंचार्ज दुर्गेश सिंह ने जेसीबी बुलाई और शवों को ढकने का काम पूरा किया गया। तब जाकर संबंधित कर्मियों ने राहत की सांस ली।
दूसरी ओर शृंग्वेरपुर गंगा घाट पर शवों के दफनाए जाने पर प्रशासन की ओर से प्रतिबंध लगाए जाने के बाद पड़ोस के भैरव घाट एवं गऊघाट में शवों के दफनाए जाने का सिलसिला बढ़ गया है। भैरव घाट पर रोजाना तकरीबन दर्जन भर शव दफनाए जा रहे हैं। यही हाल गऊघाट का भी है। यहां भी रोजाना करीब पांच-छह शवों के आने का औसत है। ऐसे में अब समस्या यह है कि शृंग्वेरपुर में भले ही शव दफनाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया परंतु गंगा के आसपास तो अब भी शवों के दफन किए जाने का सिलसिला जारी है।