अयोध्या में राम जन्म भूमि-बाबरी मस्जिद संपत्ति विवाद पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर जिला प्रशासन सतर्क है। सुरक्षा इंतजाम के साथ शांति और सौहार्द का माहौल बनाए रखने की रणनीति बनाई गई है। इसके लिए प्रयास भी शुरू हो गए हैं।
राम मंदिर निर्माण आंदोलन तथा इससे जुड़े अन्य पहलुओं का प्रयागराज से गहरा नाता रहा है। इसके मद्देनजर यहां विशेष सतर्कता के निर्देश दिए गए हैं। चूंकि 17 नवंबर से पहले इस पर फैसला आने की बात कही जा रही है।
चर्चा यह भी है कि सात या आठ नवंबर को फैसला आ सकता है। ऐसे में प्रशासन सात तारीख को ध्यान में रखकर सभी तैयारियां पूरा कर लेना चाहता है। इसके तहत न्यायालय के फैसले के बाद किसी तरह की गतिविधि को प्रतिबंधित कर दिया गया है। उत्साह या निराशा में होने वाले किसी भी आयोजन की अनुमति नहीं होगी।
इसे सुनिश्चित करने के लिए पूरे जिले में जागरूकता अभियान चलाने की योजना बनाई गई है। डीएम भानु चंद्र गोस्वामी ने बताया कि इसके तहत पीस कमेटी तथा अन्य सभी पक्ष के लोगों के साथ वार्ता की जाएगी। उनका कहना है कि सुरक्षा के मद्देनजर सभी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से न्यायालय के सम्मान की अपील की है।
अफसरों की बैठक में बनी योजना
अयोध्या मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ध्यान में रखकर बुधवार को डीएम भानु चंद्र गोस्वामी की अध्यक्षता में प्रशासन एवं पुलिस विभाग के अफसरों की बैठक हुई। अफसरों को एलर्ट पर रहने का निर्देश दिया गया। साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर सभी पहलुओं पर चर्चा हुई। अफसरों को संवेदनशील स्थानों को चिह्नित तथा संदिग्ध लोगों पर नजर रखने की हिदायत दी गई।