इलाहाबाद (ब्यूरो)। डकैती और हत्या की दर्जनों वारदातों में वांछित कुख्यात दस्यु सरगना सरदार सिंह गुज्जर की गिरफ्तारी में नाकाम सूबे के आला पुलिस अधिकारियों को बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट की कड़ी फटकार सुननी पड़ी। वर्ष 2011 से फरार चल रहे सरदार सिंह का आजतक पुलिस को कोई सुराग नहीं मिला है। उसे आजीवन कारावास की सजा हुई है, जिसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल है। कई तारीखें बीत जाने के बावजूद अपील पर सुनवाई नहीं हो पा रही है। गत 24 अप्रैल को प्रदेश सरकार ने खुलासा किया कि अभियुक्त लंबे समय से फरार है और वह कुख्यात डकैत है।
इस जानकारी के बाद अपील की सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति अरविंद कुमार त्रिपाठी और न्यायमूर्ति पीके श्रीवास्तव की खंडपीठ आश्चर्य में पड़ गई। कोर्ट ने एडीजी कानून- व्यवस्था दलजीत सिंह चौधरी, आईजी झांसी रेंज और एसपी झांसी को तलब कर स्पष्टीकरण मांगा। एडीजी और अन्य अधिकारियों ने उपस्थित होकर अदालत को बताया कि गुज्जर को मध्यप्रदेश की पुलिस तलाश कर रही है। यूपी पुलिस भी गंभीर प्रयास कर रही है। इससे नाराज पीठ ने कहा कि पुलिस की गंभीरता का पता इसी बात से चलता है कि सारे प्रयास 24 अप्रैल को हाईकोर्ट द्वारा अफसरों को तलब किए जाने के बाद प्रारंभ हुए।
अदालत ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए कहा कि वह 13 जुलाई तक गुज्जर को गिरफ्तार कर अदालत को सूचित करें वरना उनके विरुद्ध कठोर आदेश पारित किया जाएगा। 13 जुलाई को एडीजी सहित सभी वरिष्ठ अधिकारियों को पुन: उपस्थित होने का आदेश दिया गया है। उल्लेखनीय है कि सरदार सिंह गुज्जर कानपुर देहात से झांसी पेशी पर ले जाते समय रास्ते से फरार हो गया था। अदालत ने दो फरवरी 2012 को उसे गिरफ्तार करने का आदेश दिया था। फिर आठ अक्तूबर 2014 को डीजीपी से इस बाबत हलफनामा मांगा। इसके बावजूद पुलिस ने गिरफ्तारी के लिए कोई कदम नहीं उठाया।