लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन की तर्ज पर प्रयागराज के सिविल लाइंस बस स्टेशन को अत्याधुनिक बनाने की तैयारी शुरू हो गई है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के तहत सिविल लाइंस बस स्टेशन का कायाकल्प किया जाएगा। पीपीपी के तहत अडानी ग्रुप के साथ सिंगापुर की एक निजी फर्म ने सिविल लाइंस बस स्टेशन को लेकर दिलचस्पी दिखाई है। दोनों ही कंपनियों ने टेंडर फार्म भी लिए हैं। हालांकि अभी किसी कंपनी ने अपने फार्म जमा नहीं किए हैं। बस स्टेशन को नया लुक देने का काम तकरीबन दो वर्ष में पूरा होगा। इस अवधि में सिविल लाइंस बस स्टेशन से चलने वाली लखनऊ, फैजाबाद रूट की बसों को तेलियरगंज एवं कानपुर रूट की बस नेहरू पार्क के पास खाली पड़ी जमीन से संचालित की जा सकती हैं।
पिछले वर्ष ही सूबे की राजधानी लखनऊ के आलमबाग बस स्टेशन को पीपीपी के तहत अत्याधुनिक बनाया गया। आलमबाग की तर्ज पर ही सूबे के कुछ और बस स्टेशनों को भी आधुनिक बनाया जाना है। फिलहाल सूबे के 24 बस स्टेशनों को आधुनिक बनाया जाएगा। इसमें प्रयागराज परिक्षेत्र के दो बस स्टेशन सिविल लाइंस और जीरोरोड को शामिल किया गया है। पीपीपी के तहत विकसित करने के लिए रोडवेज ने टेंडर प्रक्रिया भी शुरू की है। इसके लिए देश के जाने माने औद्योगिक घराने अडानी ग्रुप ने भी फार्म लिया है। इसके अलावा सिंगापुर की एक निजी फर्म के साथ कुछ अन्य निजी फर्म ने भी फार्म लिया है। बताया जा रहा है कि अडानी ग्रुप ने लखनऊ के चारबाग बस स्टेशन के लिए भी टेंडर फार्म लिया है। टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद सिविल लाइंस और जीरोरोड बस स्टेशन में व्यावसायिक कांप्लेक्स बनाने का काम दो वर्ष में पूरा हो जाएगा। इस अवधि में संबंधित बस स्टेशन से संचालित बसों का संचालन रूट वार कई स्थानों से होगा। इसके लिए रोडवेज ने जिला प्रशासन को प्रस्ताव देकर शहर में जमीन मांगी है। तेलियरगंज और नेहरू पार्क के पास रोडवेज को जमीन मिलनी तय मानी जा रही है।
दोनों बस स्टेशनों पर मिलेंगी कई सुविधाएं
यहां नए सिरे से स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण होगा। इसमें एसी वेटिंग हॉल, फूड कोर्ट, बिजनेस सेंटर, ब्रांडेड और नॉनब्राडेंड आदि उत्पादों के शोरूम, शॉपिंग मॉल, कैंटीन, यात्रियों के रुकने के लिए एसी और नॉन एसी रूम, पे एंड यूज पर आधारित कई अन्य विश्वस्तरीय सुविधाएं मिलेंगी। सुरक्षा की दृष्टि से यहां लगेज चेकिंग स्कैनर भी लगाया जाएगा। इसके पूर्व पीपीपी के तहत तमाम कंपनियों ने टेंडर फार्म लिए हैं। सिविल लाइंस बस स्टेशन और जीरोरोड का निरीक्षण भी कंपनी के प्रतिनिधियों की ओर से किया गया है।
डिपोवार बस संचालन के लिए मांगी है जमीन
लीडर रोड डिपो से संचालित कानपुर, आगरा, दिल्ली रूट की बसों के लिए नेहरू पार्क, सिविल लाइंस पत्थर गिरजा के समीप, प्रयाग डिपो से संचालित लखनऊ, फैजाबाद, प्रतापगढ़, हल्द्वानी रूट के लिए तेलियरगंज में और सिविल लाइंस डिपो से संचालित गोरखपुर, वाराणसी, आजमगढ़, जौनपुर के लिए परेड मैदान, अलोपीबाग में जमीन मांगी है। इसके अलावा जीरोरोड डिपो से संचालित मिर्जापुर, बांदा, रीवा, महोबा रूट के लिए परेड और नैनी लेप्रेसी चौराहे पर जमीन मांगी है। रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक टीकेएस बिसेन का कहना है कि जिला प्रशासन से कहा गया है कि यात्री सुविधा के मद्देनजर शहरी क्षेत्र में जमीन मिले तो बेहतर है।