कंपनीबाग, मिंटो पार्क और खुसरोबाग के सुंदरीकरण योजना की मॉनिटरिंग कर रही हाईकोर्ट की पीठ ने एडीए उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और उद्यान निरीक्षक को अगली सुनवाई पर तलब किया है। कंपनीबाग की दुर्दशा पर नाराजगी जताते हुए हाईकोर्ट ने कहा है कि बाग के जॉगिंग ट्रैक टूट गए हैं। आवारा जानवर घूम रहे हैं, शौचालय गंदे हैं और पार्क में जगह-जगह प्लास्टिक का कचरा फैला है। जलाशय का पानी भी नहीं बदला जा रहा है।
मधु सिंह की याचिका पर सुनवाई कर रही न्यायमूर्ति दिलीप गुप्ता और न्यायमूर्ति यशवंत वर्मा की पीठ ने कहा कि अधिकारियों को सरकार द्वारा स्वीकृत बजट की जानकारी नहीं है। हलफनामे में यह भी नहीं बताया गया है कि प्रवेश शुल्क के मद में वसूले गए 15,69,225 लाख रुपये का क्या उपयोग किया जाएगा और यह अभी तय नहीं है। कोर्ट ने तीनों अधिकारियों को 27 मई को उपस्थित रहने का निर्देश दिया है। पीठ ने अपर महाधिवक्ता नीरज त्रिपाठी को भी अगली सुनवाई पर बुलाया है।
कंपनीबाग सुंदरीकरण कमेटी के अध्यक्ष वरिष्ठ अधिवक्ता सीबी यादव से अब तक किए गए आदेशों की प्रति अपर महाधिवक्ता को सौंपने का निर्देश दिया है। याची का पक्ष रखते हुए अधिवक्ता मीनाक्षी सिंह ने कोर्ट को बताया कि पार्क की सुरक्षा और रखरखाव में घोर लापरवाही की जा रही है। सीबी यादव ने बताया कि प्रवेश शुल्क के मद में वसूली जा रही राशि को अलग बैंक खाते में जमा कराया जा रहा है। इसका उपयोग पार्क की सुरक्षा और रखरखाव के लिए होगा। कोर्ट ने निर्देश दिया है कि जॉगिंग ट्रैक की मरम्मत की जाए और जलाशय में पानी भरकर उसी से सिंचाई की जाए।
मिंटो पार्क और खुसरोबाग के लिए अगल बजट
कोर्ट को बताया गया कि मिंटो पार्क और खुसरोबाग के सुंदरीकरण के लिए अलग बजट की मांग की गई है। जिलाधिकारी ने मिंटो पार्क के लिए 605.10 लाख और खुसरोबाग के लिए 1264.10 लाख रुपये का प्रस्ताव शासन के पास भेजा है।