कक्ष निरीक्षक बनाए गए वित्तविहीन कालेजों के शिक्षक यदि ड्यूटी करने से पीछे हटे तो कालेज की मान्यता रद्द होगी। यदि एडेड कालेज के शिक्षकों ने ऐसा किया तो उनका वेतन रोक दिया जाएगा। कक्ष निरीक्षकों की अनुपस्थिति को देखते हुए डीआईओएस सर्वदानंद ने प्रधानाचार्यों को निर्देशित किया है।
यूपी बोर्ड हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में 119714 परीक्षार्थी पंजीकृत हैं। जिले में 199 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इसमें 80 फीसदी परीक्षा केंद्र वित्तविहीन विद्यालय हैं। परीक्षा कक्ष की निगरानी के लिए 5624 कक्ष निरीक्षकों की तैनाती की गई है।
कक्ष निरीक्षकों में सबसे ज्यादा संख्या वित्तविहीन विद्यालयों के शिक्षकों की है। प्राथमिक विद्यालय, राजकीय विद्यालय व सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों को भी कक्ष निरीक्षक बनाया गया है।
कक्ष निरीक्षकों को समय से पहुंचकर परीक्षा केंद्रों पर परीक्षा संपादित कराने का निर्देश दिया गया था। मगर परीक्षा के पहले दिन मंगलवार को हिंदी प्रथम पत्र की परीक्षा में अधिकांश परीक्षा केंद्रों पर कक्ष निरीक्षकों की अनुपस्थिति रही। इससे दोनों पाली की परीक्षा में अव्यवस्था हुई। किसी तरह परीक्षा संपादित कराई गई।
मंगलवार को हिंदी प्रथम प्रश्रपत्र में वित्तविहीन कालेजों से बनाए गए कक्ष निरीक्षक भारी संख्या में अनुपस्थित रहे। इसे देखते हुए डीआईओएस सर्वदानंद ने कहा है कि किसी भी हालत में यह लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। परीक्षा सपंादित कराने का दायित्व पूरी जिम्मेदारी के साथ निभाना होगा। लापरवाही मिली तो कार्रवाई की जाएगी।