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विशेषज्ञ रिपोर्ट के बाद ही डाक्टर पर हो सकती है कार्रवाई

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विशेषज्ञ की रिपोर्ट के बाद ही
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डॉक्टर पर हो सकती है कार्रवाई
लापरवाही से मौत के मामले में आगरा के चिकित्सक दंपति की गिरफ्तारी पर रोक
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा कि लापरवाही से मौत के मामले में विशेषज्ञ की जांच के बाद ही डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। कोर्ट ने आगरा के डॉक्टर दंपति के खिलाफ दर्ज लापरवाही से मौत के मामले में गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है। डॉ. कहकशां खान और डॉ. खालिद खान की याचिका पर न्यायमूर्ति पंकज नकवी और न्यायमूर्ति एसके गुप्ता की पीठ ने सुनवाई की।
याची डॉक्टरों के खिलाफ डॉ. अनुपम यादव ने सदर बाजार थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप है डॉ. कहकशां का क्लिनिक वादी के घर के पास ही है। अपनी डिलिवरी के लिए वह उनसे इलाज करवा रही थी। डिलिवरी के दौरान डॉक्टर की लापरवाही से बच्चे की हालत बिगड़ गई । उसे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, मगर बाद में उसकी मौत हो गई। डाक्टर पर लापरवाही का आरोप लगाया गया।
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याची की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता विजय गौतम ने कहा कि जैकब मैथ्यू केस में सुप्रीमकोर्ट ने ऐसे मामलों में गिरफ्तारी पर रोक की व्यवस्था दी है। सुप्रीमकोर्ट ने कहा है कि डॉक्टर की लापरवाही से मौत के मामले में पहले एक्सपर्ट कमेटी जांच करेगी। कमेटी में चिकित्सा विशेषज्ञ और प्रशासन के अधिकारी होने चाहिए। उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। अन्य कई मामलों में भी सुप्रीमकोर्ट ने जांच के बाद ही डाक्टरों पर कार्रवाई का निर्देश दिया है। कोर्ट ने दलील स्वीकार करते हुए याची डाक्टरों की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी है।
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